• युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता, निगरानी एवं संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करें—जिला कलेक्टर
  • नशा तस्करों के नेटवर्क को चिह्नित कर अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें— पुलिस अधीक्षक

कोटपूतली-बहरोड़, 23 अक्टूबर। जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता एवं जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह की उपस्थिति में शुक्रवार को जिला नार्को कॉर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खरीद-फरोख्त, भंडारण एवं आपूर्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों से संबंधित अवैध गतिविधियों की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित विभाग पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करें। नशीले पदार्थों के अवैध उत्पादन, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध अभियान में सभी संबंधित विभाग सक्रिय भूमिका निभाएं तथा सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान एवं सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

उन्होंने जिले में संचालित पंजीकृत एवं अवैध नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षण संस्थानों के आसपास स्थित दुकानों, चाय की थड़ियों एवं अन्य संदिग्ध स्थानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं आपूर्ति पर विशेष निगरानी रखने को कहा।

उन्होंने युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए शिक्षण संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने तथा अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने नशा तस्करी में संलिप्त संदिग्ध व्यक्तियों एवं उनके नेटवर्क की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 पर स्थित होटल, ढाबों एवं अन्य संदिग्ध स्थानों पर नियमित निगरानी रखने तथा मादक पदार्थों की अवैध बिक्री एवं आपूर्ति की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा। साथ ही नशा तस्करों द्वारा किए गए अवैध कब्जों एवं अवैध निर्माण के विरुद्ध संबंधित विभागों के समन्वय से नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में शराब के ठेकों के निर्धारित समय से पहले अथवा बाद में खुले रहने की शिकायतों पर कार्रवाई, मेडिकल दुकानों के औचक निरीक्षण तथा अवैध नशीली दवाओं की बिक्री एवं उपलब्धता पर नियंत्रण के संबंध में भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त संवेदनशील स्थानों एवं संदिग्ध मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी मजबूत करने तथा मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।

जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नशे के विरुद्ध कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, आबकारी तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। नशे की अवैध गतिविधियों के संबंध में प्राप्त सूचनाओं का त्वरित सत्यापन कर संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सोहन सिंह नरुका, सीएमएचओ डॉ आशीष सिंह शेखावत, एसई पीडब्ल्यूडी जगदीश प्रसाद यादव, डीटीओ सुनील कुमार सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।