
डिंपल कपाड़िया, पूनम ढिल्लन और अमृता सिंह का राजस्थान में सांस्कृतिक समागम
डिंपल कपाड़िया, पूनम ढिल्लन और अमृता सिंह ने राजस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मंच साझा किया, जहाँ हजारों दर्शकों ने राजस्थानी कला‑संगीत का आनंद लिया।
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सेक्शन
किले, महल, मेले-त्योहार, लोक कला और राजस्थान की विरासत।

डिंपल कपाड़िया, पूनम ढिल्लन और अमृता सिंह ने राजस्थान में आयोजित कार्यक्रम में मंच साझा किया, जहाँ हजारों दर्शकों ने राजस्थानी कला‑संगीत का आनंद लिया।
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जे.पी. दत्ता की 1989 की फिल्म ‘बटवारा’ का गीत ‘थारे वास्ते रे ढोला’ आज भी राजस्थानी लोक रंग और तीन दिग्गज गायिकाओं की आवाज़ से संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर रहा है.

बूंदी में गुरुवार को राजीविका के तहत राजसखी दीपावली मेला शुरू हुआ। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने फीता काटकर उद्घाटन किया।

कोटा के युवा चित्रकार अंकित बनवाड़िया ने बदलते समय में परम्परागत मांडणा कला को जीवित रखने के लिए प्राकृतिक सामग्री और जागरूकता अभियानों की अपील की।


बीकानेर में जिला कलेक्टर श्री निशान्त जैन ने 4 नवम्बर को अभय जैन ग्रन्थालय का अवलोकन किया और प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण व डिजिटलीकरण कार्य की प्रशंसा की।

स्वावलंबन फाउंडेशन 8 दिसंबर को पाली के राजा पार्क में दिव्यांग बच्चों के लिए निशुल्क ‘उमंग‑खुशियों का मेला’ आयोजित करेगा, जिसमें 1,000 से अधिक बच्चों की भागीदारी की उम्मीद है।

उदयपुर के नगर निगम द्वारा आयोजित दीपावली मेले के पाँचवें दिन टाउन हॉल में स्थानीय कलाकारों ने गीत‑नृत्य, शास्त्रीय नृत्य और एक्रो‑योगासन की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, जबकि स्टैंड‑अप कॉमेडियन गौरव गुप्ता ने शाम को हँसी का तड़का लगाया।

दशहरा-दीपावली मेले में सांस्कृतिक आयोजन देखने आए दर्शकों को किया संबोधित

राजीविका दिवाली मेला- 2026 में तीसरे दिन भी उमड़ी भीड़

यह मेला पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाता है, स्वदेशी शिल्पकला को बढ़ावा देता है और आजीविका के अवसरों को मजबूत करता है

स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी के साथ महिला सशक्तीकरण का संदेश दे रहा राजीविका दिवाली मेला-2026,

आईजीएनसीए एवं एएसआई के सहयोग से पुस्तक ‘टाइमलेस इंडिया: प्रोटेक्शन एंड रिवाइवल ऑफ इंडियन कल्चरल आइडेंटिटी अंडर द लीडरशिप ऑफ प्राइम मिनिस्टर नरेन्द्र मोदी’ लॉंच की गई

बूंदी के कुंभा स्टेडियम में 28 नवंबर से 7 दिसंबर तक ‘बूंदी उद्योग एवं हस्तशिल्प मेला‑2026’ का आयोजन होगा। अतिरिक्त जिला कलक्टर रमेश देव ने तैयारी बैठक में सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं की व्यवस्था तय की।

31 महिलाओं सहित 75 कारीगरों ने पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया; मेले ने बाजार तक पहुंच को मजबूत किया और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया

भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करें युवा , साहित्य को समृद्ध बनाने में निभाएं भूमिका- राज्यपाल

पुनः आवंटित स्थान पर पुस्तकालय और वाचनालय का उद्घाटन किया
हर दिन मरुधरा की एक कहावत, एक सबद, एक ज़िलो
आज री कहावत
“पाणी पीजे छाण कर, गुरु कीजे जाण कर”
पानी छानकर पियो और गुरु सोच-समझकर बनाओ।
आज रो सबद
मनवार
मेहमान को प्रेम से आग्रह करके खिलाना-पिलाना
आज रो ज़िलो
चित्तौड़गढ़
मेळा-तेवार
इस महीने: पुष्कर मेला, बूंदी उत्सव
कुंभलगढ़ महोत्सव
राजसमंद · दिसंबर
राजस्थान दर्शन →