संपादकीय मानक
संपादकीय मानक और सुधार नीति
टाइम्स ऑफ़ राजस्थान कैसे ख़बरें चुनता, जाँचता, लिखता और सुधारता है ।
पाठकों से
हमारा वचन
हर ख़बर तथ्य पर — अनुमान पर नहीं।हर दावा उसके कहने वाले के नाम से।पीड़ित की पहचान, बच्चों की गरिमा — हमेशा सुरक्षित।ग़लती हुई तो खुलकर सुधार, सबके सामने।न किसी दल के, न किसी विज्ञापनदाता के — सिर्फ़ राजस्थान के।
— टाइम्स ऑफ़ राजस्थान
अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026
1. स्वतंत्रता
- टाइम्स ऑफ़ राजस्थान एक स्वतंत्र डिजिटल समाचार मंच है, जिसका किसी अन्य मीडिया समूह से कोई संबंध नहीं है।
- विज्ञापनदाता, राजनीतिक दल या कोई भी बाहरी व्यक्ति हमारी ख़बरों को तय नहीं करता। प्रायोजित सामग्री पर हमेशा साफ़ "प्रायोजित" लिखा होता है।
2. सटीकता और तथ्य-जाँच
- हर तथ्य किसी भरोसेमंद स्रोत से आता है — सरकारी आदेश, अधिकारी, अदालत के रिकॉर्ड, पुलिस या प्रकाशित रिपोर्ट।
- आरोप को आरोप ही लिखा जाता है। अदालत के फ़ैसले से पहले किसी को दोषी नहीं कहा जाता।
- संख्याएँ, नाम, तारीख़ें और उद्धरण प्रकाशन से पहले जाँचे जाते हैं। जो बात पक्की न हो, वह नहीं छपती।
3. स्रोत और एट्रिब्यूशन
- हर ख़बर सरकारी दस्तावेज़ों, अधिकारियों, अदालत के रिकॉर्ड और प्रकाशित रिपोर्टों जैसे भरोसेमंद स्रोतों से मिलाकर तैयार की जाती है, और हर स्रोत का रिकॉर्ड हमारे डेस्क पर रखा जाता है।
- हम दूसरों के वाक्य या तस्वीरें कॉपी नहीं करते। ख़बर हमारे अपने शब्दों में लिखी जाती है।
- गुमनाम स्रोत का इस्तेमाल तभी होता है जब जानकारी जनहित में ज़रूरी हो और संपादक स्रोत को जानता हो।
4. नैतिकता और क़ानून
- यौन अपराधों के पीड़ितों और नाबालिगों की पहचान कभी उजागर नहीं की जाती (BNS और POCSO के अनुसार)।
- आत्महत्या की ख़बरों में तरीक़ा नहीं बताया जाता और हेल्पलाइन (Tele-MANAS 14416) दी जाती है।
- सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाली, अपमानजनक या सनसनीखेज़ भाषा का प्रयोग नहीं किया जाता।
- हम सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत आचार संहिता का पालन करते हैं।
5. सुधार नीति
- ग़लती मिलने पर हम उसे जल्द से जल्द ठीक करते हैं और बड़े सुधार के बारे में ख़बर में नोट जोड़ते हैं।
- ग़लती की सूचना हर ख़बर के नीचे "ग़लती की सूचना दें" लिंक से या सुधार ईमेल पर दें।
6. शिकायत निवारण
- IT नियम 2021 के तहत शिकायतें शिकायत अधिकारी को भेजें। हम 24 घंटे में शिकायत की प्राप्ति स्वीकार करते हैं और 15 दिनों में उसका निपटारा करते हैं।