झालावाड़ जिले के भवानीमंडी में 6 नवंबर को पुलिस ने एक सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट को भंग किया। छह नाबालिग लड़कियों को बचाया गया और पाँच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार बुडानिया ने बताया कि 7 अक्टूबर को मिली गुप्त शिकायत के आधार पर इस कार्रवाई की शुरुआत हुई।
विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष श्रोत्रिय और भागचंद मीणा के नेतृत्व में किया गया।
जासूसी कैमरों और डिजिटल सबूतों के जरिए सबूत जुटाए गए, जिसके बाद 3 नवंबर को 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने एक साथ छापेमारी की।
मेडिकल जांच से पता चला कि पाँच लड़कियों का बार-बार यौन शोषण हुआ था, और दो में यौन संचारित रोग पाए गए।
अधिकारियों ने आरोपियों को इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट और पोज़ो एक्ट के तहत अदालत में पेश किया और तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा।
बचाई गई लड़कियों को बाल कल्याण समिति के आदेश पर बाल गृह में भेजा गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

