बारां जिले में नरेश मीणा पर वनकर्मियों से मारपीट और जनरेटर चोरी के आरोप में पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंडासु ने 25 पैसे का इनाम घोषित किया।
अटरू पुलिस उपअधीक्षक रामानंद यादव के नेतृत्व में गुंदलाई गांव के एक फार्म हाउस पर छापेमारी की गई, पर नरेश मीणा बच निकले। उसी दौरान उनके दो सहयोगियों को थार गाड़ी में सवार गिरफ्तार किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। छबड़ा, छीपाबड़ौद, अटरू, मोठपुर और कवाई थानों ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की, पर नेता का पता नहीं चल पाया।
उपअधीक्षक रामानंद यादव ने जनता से अपील की कि नरेश मीणा को शरण न दें और उन्हें पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आरोपों का जवाब कानूनी प्रक्रिया के तहत देना चाहिए।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
नरेश मीणा ने राजस्थान यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति से शुरुआत की, बाद में कांग्रेस में शामिल हुए और 2023 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में छबड़ा सीट पर चुनाव लड़ा, जहाँ उन्हें 44 हजार वोट मिले। वर्तमान में वे बहुजन समाज पार्टी के समर्थक के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।

