- गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण एवं टीबी उन्मूलन पर विशेष जोर
- परिवार कल्याण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन आशा सहयोगिनियां सम्मानित
प्रतापगढ़ 30 अक्टूबर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नागेंद्र सिंह सिसोदिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, विभागीय योजनाओं एवं चिकित्सा सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं समुचित उपचार, नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव तथा टीबी मुक्त भारत अभियान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
सीएमएचओ डॉ. सिसोदिया ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण अत्यंत आवश्यक है। सभी चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्मिकों को निर्देशित किया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की निर्धारित समय पर सभी आवश्यक जांचें करवाएं तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उनकी नियमित निगरानी की जाए। ऐसी महिलाओं को आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श एवं समुचित उपचार उपलब्ध करवाया जाए, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
उन्होंने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा एवं गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित नहीं रहे। इसके लिए आशा सहयोगिनियों, एएनएम एवं चिकित्सा अधिकारियों के समन्वय से टीकाकरण सत्रों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
टीबी मरीजों की पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सीएमएचओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित टीबी मरीजों की सक्रिय रूप से पहचान कर उनकी आवश्यक जांच करवाएं तथा रोग की पुष्टि होने पर तत्काल उपचार प्रारंभ करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आमजन की सहभागिता भी आवश्यक है। इसके लिए गांव-गांव तक जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर लोगों को टीबी के लक्षण, जांच एवं निःशुल्क उपचार की जानकारी दी जाए।
सीएमएचओ ने सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारियों प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्र में विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी करें। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए तथा आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी कार्मिक आपसी समन्वय से कार्य करें।
परिवार कल्याण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा सहयोगिनियां सम्मानित
बैठक के दौरान जिले में परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा सहयोगिनियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत स्थायी एवं अस्थायी गर्भनिरोधक साधनों के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा पात्र दंपतियों को परिवार नियोजन सेवाओं से जोड़ने में उत्कृष्ट योगदान देने वाली आशाओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने पर आशा सहयोगिनी ललिता को 35 प्रकरणों तथा आशा सहयोगिनी तांबोली को 14 प्रकरणों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करते हुए 44 महिलाओं को इंजेक्शन की खुराक उपलब्ध करवाने पर आशा सहयोगिनी नीलम जैन को सम्मानित किया गया।
सीएमएचओ डॉ. नागेंद्र सिंह सिसोदिया ने सम्मानित आशा सहयोगिनियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं एवं सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में आशा सहयोगिनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। परिवार कल्याण कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी से पात्र दंपतियों को परिवार नियोजन के साधनों की जानकारी एवं सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने अन्य आशा सहयोगिनियों से भी इनसे प्रेरणा लेकर बेहतर कार्य करने का आह्वान किया।
बैठक में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जगदीप खराड़ी सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी उपस्थित रहे।
