भीलवाड़ा शहर के वीर सावरकर चौक की संकरी गलियों में 72 वर्षीय कमला देवी कांकरिया की हत्या हुई, जहाँ अपराधियों ने शव को दो मंजिला मकान की छत पर जलाकर दुर्गंध छुपाने हेतु हवन‑घी और लकड़ियों का उपयोग किया।

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद हड्डियों और अवशेषों को बोरी में भरकर दो किलोमीटर दूर कोठारी नदी में फेंका गया, जहाँ 27 अक्टूबर को पुलिस और गोताखोरों की टीम ने आरोपी रवि तापड़िया और हीरा सिंधी को हिरासत में लिया।

हत्या की टाइम‑लाइन

पुलिस ने घटनाक्रम का विवरण दिया: 12 अक्टूबर शाम 7.56 बजे सीसी कैमरे में रवि तापड़िया को बाइक पर कमला को ले जाते देखा गया; 13‑14 अक्टूबर को रतन देवी ने घर में ताला बंद पाया; 15 अक्टूबर को बहू रविना ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई; 24‑26 अक्टूबर को रवि से पूछताछ और हीरा सिंधी की गिरफ्तारी हुई; 27 अक्टूबर को कोठारी नदी में सर्च अभियान के दौरान दोनों को पकड़ा गया।

  • मुख्य आरोपी: रवि तापड़िया (आदतन अपराधी, कई मामलों में दर्ज)
  • सहयोगी: हीरा सिंधी, तथा अन्य दो संदिग्ध
  • लूट की वस्तुएँ: लगभग ₹25 लाख मूल्य के सोने के जेवर, नकदी और आभूषण

पुलिस ने बताया कि हवन‑घी और लकड़ियों के साथ छत और गलियारे में सीमेंट व रंग‑रोगन पोत कर दुर्गंध को छुपाने की कोशिश की गई, जिससे जांच में बाधा उत्पन्न हो सकती थी।

पुलिस की कार्रवाई

भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी और पुलिस उपाधीक्षक सज्जन सिंह की मौजूदगी में टीम ने नदी में सर्च अभियान चलाया, जिससे दो आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच जारी है।

पुलिस ने कहा कि किराएदार की भूमिका की भी जांच चल रही है और सभी संदिग्धों से विस्तृत पूछताछ की जाएगी।