भिलवाड़ (राजस्थान) – एक महीने की जांच में पता चला कि कई गरीब परिवार अपनी बेटियों को 3‑5 लाख रुपये में बेच रहे हैं, जिन्हें गोदनामे बनाकर मुंबई, पुणे और नागपुर तक ले जाया जाता है, जहाँ उनका रेट 35‑40 लाख रुपये तक पहुँचता है।

भास्कर टीम ने राजस्थान‑मध्यप्रदेश सीमा के 16 जिलों के 100 से अधिक बस्तियों में इस तस्करी नेटवर्क की जाँच की। टीम ने परिवारों, स्कूल रिकॉर्ड, FIR और रेस्क्यू दस्तावेजों को मिलाकर पुष्टि की कि कई बच्चे ‘गोदनामे’ पर हस्ताक्षर कर विभिन्न शहरों में पहुँचाए जा रहे हैं।

बच्चियों की बिक्री के दो मुख्य तरीके

पहला तरीका – कर्ज के कारण माता‑पिता सीधे बेटी को दलाल को 2‑5 लाख रुपये में बेचते हैं। उदाहरण के तौर पर बूंदी के एक गांव में एक पिता ने बताया कि उसने अपनी दो बेटियों को रिश्तेदारी में ही दे दिया, जबकि एक अन्य परिवार ने तीन बेटियों को 50‑50 हजार रुपये में बेच दिया।

दूसरा तरीका – गोदनामे (स्टांप) पर लिखवाकर बच्ची को ‘दत्तक’ के रूप में दिखाया जाता है, फिर बड़े शहरों में लाखों रुपये में सौदा किया जाता है। झालावाड़ की दो बस्तियों में यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से देखी गई, जहाँ बच्चियों को रिश्तेदारों के पास रख कर बाद में बेच दिया जाता था।

मुंबई में तस्करी का स्वरूप

मुंबई के अंधेरी, परेल, बांद्रा और सेंट्रल मुंबई के बारों में दलालों ने 8‑साल के एग्रीमेंट के तहत लड़कियों को काम दिलाने का वादा किया। दलाल रविकिशन ने बताया कि शुरुआती रेट 25‑30 लाख रुपये है, जबकि वास्तविक रेट 35‑40 लाख रुपये तक पहुँचता है।

रिपोर्ट के अनुसार, 15‑17 साल की दो लड़कियों और 20 साल की तीन लड़कियों को इस नेटवर्क में फँसाया गया। दस्तावेज़ बनाकर नाम‑पते बदल दिए जाते हैं, जिससे पहचान छुपी रहती है।

पुलिस की कार्रवाई और बचाव

मुंबई के नैरूल पुलिस थाने में जांच के दौरान तीन लड़कियों को एग्रीमेंट पर बेचा पाया गया, जो अब देवनार बालिका गृह में रखी हैं। पुलिस ने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित 34 नाबालिग लड़कियों को निरुद्ध किया गया है।

  • भिलवाड़, झालावाड़, बूंदी, चित्तौड़गढ़, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद सहित 16 जिलों में यह जाल मौजूद है।
  • मां‑बाप द्वारा 3‑5 लाख रुपये में बेटी बेचने की रिपोर्ट मिली।
  • गोदनामे बनाकर बच्चियों को बड़े शहरों में 35‑40 लाख रुपये में बेचा जाता है।
  • मुंबई में 8‑साल के एग्रीमेंट के तहत काम दिलाने का झूठा वादा किया जाता है।