श्रीगंगानगर में 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय आंगनवाड़ी ओलंपिक का समापन शुक्रवार को हुआ। महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम ‘स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन’ थीम के अंतर्गत चलाया गया।

आयोजन में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बाधा दौड़, मेंढक दौड़, रिले रेस, सितोलिया, धागे में मोती/पत्ते पिरोना, बाल्टी/डिब्बे में गेंद डालना, रुमाल झपट्टा, 100 मीटर दौड़, नींबू दौड़, म्यूजिकल चेयर और खो-खो जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं।

उद्देश्य और गतिविधियाँ

इन खेलों के माध्यम से बच्चों में शारीरिक सक्रियता, समन्वय, संतुलन, सहयोग, अनुशासन, आत्मविश्वास और खेल भावना विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

समापन समारोह में बच्चों को छोटे-छोटे ‘गिफ्ट हैम्पर्स’ प्रदान किए गए, जिससे उनमें उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली।

आयोजन का महत्व

आंगनवाड़ी ओलंपिक का उद्देश्य खेल आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना और प्रारंभिक बाल्यावस्था में खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के महत्व के प्रति जागरूकता विकसित करना है।

आयोजन को सफल बनाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और संबंधित कार्मिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उपनिदेशक का बयान

महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक श्री ऋषभ जैन ने बताया कि "बच्चों के स्वस्थ विकास, खेल भावना एवं सीखने की सहज प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने हेतु इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"