• 35 वीं अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता का समापन ,
  • युवाओं से नशे से दूर रहने , मोबाइल स्क्रीन टाइम घटाने और परिवार को समय देने का आह्वान

जयपुर , 27 अक्टूबर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को अजमेर जिले के चन्द्रवरदाई स्टेडियम में आयोजित 35 वीं अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने विजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता का आयोजन 23 से 27 अक्टूबर तक किया गया , जिसमें विद्या भारती के देशभर के 11 क्षेत्रों में से छह क्षेत्रों के खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि वर्षों तक शिक्षक के रूप में सेवाएं देने के बाद इस प्रकार के शैक्षणिक एवं खेल आयोजन में शामिल होना उनके लिए अपने परिवार के बीच आने जैसा है। पृथ्वीराज चौहान की वीरभूमि अजमेर में देश के विभिन्न प्रांतों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि अजमेर में राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता का आयोजन गर्व का विषय है। महाराजा अजयपाल की इस नगरी में विद्या भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित करना सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि विद्या भारती विश्व के सबसे बड़े शैक्षणिक संगठनों में से एक है। इसकी शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार , अनुशासन और देशभक्ति की भावना भी सिखाई जाती है। खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री देवनानी ने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद से प्रत्येक खिलाड़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। खिलाड़ियों को राष्ट्रभावना के साथ देश के लिए खेलना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतियोगिता में भाग ले रहे खिलाड़ी भविष्य में ओलंपिक और एशियाई खेलों सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेल क्षेत्र में नई दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। आज यहां खेल रही प्रतिभाएं भविष्य में जिला , राज्य , राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएंगी। प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों की भाषा , वेशभूषा और खान-पान भले ही अलग-अलग हों , लेकिन उनकी राष्ट्रभावना एक है। हमारे सपनों को साकार करने वाला तिरंगा एक है और हमारी आकांक्षाओं को दिशा देने वाली भारत माता एक है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता का समापन नहीं , बल्कि भारतीय शिक्षा , संस्कृति और युवा शक्ति के संगम का अवसर है। खेलों से अनुशासन , धैर्य , परिश्रम , एकाग्रता , लक्ष्य के प्रति समर्पण और संघर्ष की भावना विकसित होती है। मैदान में प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का साहस देती है। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रतिद्वंद्वियों का सम्मान करने तथा जीत और हार दोनों को खेल भावना के साथ स्वीकार करने का आह्वान किया।

श्री देवनानी ने अंत में कहा कि वर्तमान समय आधुनिक तकनीक , आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मोबाइल का है। युवाओं को इन तकनीकों का उपयोग करना चाहिए , लेकिन मोबाइल स्क्रीन टाइम को सीमित रखते हुए परिवार के साथ भी समय बिताना चाहिए। तकनीक का संतुलित उपयोग जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे का शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खिलाड़ियों को खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए ऊर्जा , शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति की आवश्यकता होती है। हॉकी जैसे खेल में लगातार दौड़ना , गेंद के पीछे भागना और उस पर नियंत्रण बनाए रखना पड़ता है। ऎसे में स्वस्थ शरीर और अनुशासित जीवनशैली बेहद जरूरी है।

भानुप्रताप/रवीन्द्र