जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्रीमती अनु अग्रवाल ने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सवाई माधोपुर जिला कारागृह का मासिक निरीक्षण किया, जिसमें बंदियों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और निःशुल्क विधिक सहायता की स्थिति का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान भोजन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सा सुविधाओं की जाँच की गई। उपाधीक्षक बिहारीलाल से बंदियों को नियमानुसार आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करने की जानकारी प्राप्त की गई।
विधिक अधिकारों और निःशुल्क सहायता पर जोर
न्यायाधीश अग्रवाल ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें उनके विधिक अधिकारों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक कारणों से अधिवक्ता नहीं ले पा रहे पात्र बंदियों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल राधेश्याम जोगी एवं अधिकार मित्र बुनियाद अली को निर्देश दिया गया कि पात्र बंदियों को प्रभावी विधिक सहायता प्रदान करने और उनके प्रकरणों की पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें।
अन्य उपस्थित अधिकारी
निरीक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल, डॉ. मनोज गर्ग आदि भी उपस्थित रहे। उनका उद्देश्य कारागृह में निरुद्ध बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा और न्याय तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करना था।
