पानी की कमी से जूझते पाली शहर में 17 साल के अंतराल के बाद हेमावास बांध से 101 एमसीएफटी से अधिक पानी की आपूर्ति शुरू होने वाली है।
बांध, जो 1911 में ब्रिटिश शासन के दौरान बनाया गया था, 12 मीटर ऊँचाई और 62.6 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता वाला है और पाली जिले का तीसरा सबसे बड़ा जलाशय है।
पानी पहुँचाने की योजना
जलदाय विभाग ने नहर के बजाय बांध के पास एक मजबूत दीवार बनाकर पानी को सीधे जवाई पाइपलाइन से शहर के सिटी हेडवर्क्स तक पहुँचाने का निर्णय लिया है।
सांचौर से 80 हॉर्स पावर का पंप स्थापित किया गया है, जो एक घंटे में लगभग 10 लाख लीटर पानी लिफ्ट कर सकता है।
पहले के उपयोग और नई दिशा
पहले हेमावास बांध का पानी मुख्यतः गांधीनगर, टैगोर नगर और सोजत जैसे इलाकों की जलापूर्ति में इस्तेमाल होता था। अब यह पानी पाली के भीतरी शहर के सिटी हेडवर्क्स से जुड़े क्षेत्रों में पहुँचाया जाएगा।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता कान सिंह राणावत ने कहा कि पंपिंग और पाइपलाइन लिंकिंग की तैयारियाँ अंतिम रूप में हैं और पेयजल आपूर्ति जल्द शुरू होगी।

