राजस्थान में इस वर्ष डेंगू के 2081 और मलेरिया के 984 मरीजों की पुष्टि हुई, जो पिछले साल की तुलना में क्रमशः 34% और 32% घटे हैं।

राज्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के अनुसार, मॉनिटरिंग सिस्टम, डोमेस्टिक ब्लीडिंग चेकर और जनजागरूकता अभियानों ने मौसमी बीमारियों में कमी लाई है, परंतु जिलास्तर पर संक्रमण की तस्वीर अलग है।

डेंगू के प्रमुख केंद्र

जिला स्तर पर जयपुर (169 केस), अलवर (195 केस), अजमेर (131 केस) और कोटा (126 केस) में डेंगू के मामले अधिक हैं, जबकि जयपुर‑2 में 102 केस दर्ज हुए। बाड़मेर (115 केस) और बीकानेर (114 केस) में भी पिछले साल की तुलना में कमी देखी गई।

मलेरिया का प्रकोप

उदयपुर में मलेरिया के 200 मरीज सबसे अधिक हैं, इसके बाद सलूंबर (138 केस) और प्रतापगढ़ (125 केस) में मामले दर्ज हुए। अलवर और बाड़मेर में प्रत्येक 80 केस मिले। विभाग ने बताया कि मलेरिया का संक्रमण दक्षिण राजस्थान के जिलों में अधिक सक्रिय है।

चिकनगुनिया में भी कमी

चिकनगुनिया के मामलों में भी गिरावट आई, पिछले साल 294 से घटकर इस साल 190 हुए। जयपुर में 39 केस, कोटा में 11 केस, कोटपूतली में 11 केस और भरतपुर में 13 केस दर्ज हुए।

कारण और उपाय

डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक (जन स्वास्थ्य), ने कहा कि एंटी‑लार्वा गतिविधियों, डोमेस्टिक ब्लीडिंग चेकर की नियुक्ति और मॉनिटरिंग सिस्टम के कारण मौसमी बीमारियों में कमी आई है।

  • डेंगू के कुल केस: 2081 (34% कमी)
  • मलेरिया के कुल केस: 984 (32% कमी)
  • उदयपुर में मलेरिया के 200 केस सबसे अधिक
  • जिला‑वार डेंगू के प्रमुख केंद्र: जयपुर, अलवर, अजमेर, कोटा