श्रीगंगानगर, 27 अक्टूबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिले के सरकारी/गैर सरकारी विद्यालयों में ‘ट्रांसफोरमेटिव ट्यूज्डे‘ नामक राज्यव्यापी विधिक साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उक्त अभियान को निरंतर जारी रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री रवि प्रकाश सुथार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) श्रीगंगानगर द्वारा मंगलवार को टाइनी टोट्स, स्कूल श्रीगंगानगर में ‘स्पीक अप फॉर योर्स राइट्स, स्टेण्ड स्ट्रांग फॉर योर्स सेफ्टी- नो चाईल्ड शुड बी अनसेफ वेयर एजुकेशन हैपन्स‘ विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर के दौरान एडीजे श्री रवि प्रकाश सुथार ने स्कूल के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि सुरक्षित बचपन, सुरक्षित शिक्षा, बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए आवाज उठाएं। अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े हों। शिक्षा के मंदिरों में कोई भी बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए। इस संकल्प के साथ आज बच्चों के अधिकारों और शिक्षण संस्थानों में उनकी सुरक्षा को लेकर एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान की शुरूआत की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों के लिए एक भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। शिक्षा का अधिकार केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण माहौल भी शामिल है।

इसी दौरान एडीजे श्री सुथार ने उपस्थित विद्यार्थियों को बताया कि दुराचार के विरूद्ध आवाज उठाएँ। अपने शरीर और मन की सुरक्षा करें। हम सभी जानते हैं कि हमारा शरीर हमारा अपना है। किसी को भी हमारी अनुमति के बिना हमें छूने का अधिकार नहीं है। गुड टच वह स्पर्श है, जिससे हमें सुरक्षा, प्यार और सम्मान का एहसास हो। जैसे माता-पिता का स्नेह, शिक्षक का प्रोत्साहन या डॉक्टर द्वारा अभिभावक की उपस्थिति में किया गया आवश्यक परीक्षण। इसी प्रकार बेड टच वह स्पर्श है, जिससे हमें डर, असहजता, दर्द, शर्म, या घबराहट महसूस हो। आप किसी के साथ ऐसी कोई बात हो तो तुरन्त अपने शिक्षकगण या अभिभावक को जरूर बतायें। मंच के माध्यम से एडीजे श्री सुथार ने शिक्षकों से आग्रह किया कि बच्चों के साथ खुलकर संवाद किया जाये और उन्हें ऐसा वातावरण दिया जावे, जहाँ वे बिना डर के अपनी हर बात कह सकें।

इसी क्रम में चीफ श्री रोहताश यादव द्वारा बच्चों को वर्तमान समय में मोबाईल का उपयोग जरूरत के अनुसार करने व साईबर अपराध होने की स्थिति में साइबर पुलिस या संबंधित विभाग के पास शिकायत करने की सलाह दी गई। मंच संचालन करते हुए श्री अमन चलाना ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता, आरटीई एक्ट, स्कूल इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेली सेफ्टी मेजर्स, स्कूल सेफ्टी के संबंध में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन की ओर से प्रिंसिपल श्रीमती शालु छाबड़ा एवं समस्त स्कूल स्टॉफ उपस्थित रहा। (फोटो सहित)