उदयपुर के 40 वर्षीय महेंद्र कुमार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना (एनएफएससी) के तहत फेलोशिप, मकान किराया भत्ता और आकस्मिक अनुदान के रूप में कुल ₹24 लाख की वित्तीय सहायता मिली, जिससे वह अपनी पीएचडी पढ़ाई जारी रख पाए।

एनएफएससी योजना का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं से ग्रस्त अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के लिए सहयोग प्रदान करना है। महेंद्र ने बताया कि इस सहायता ने उन्हें आर्थिक दबाव कम करने और शोध पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया।

वित्तीय सहायता का विवरण

दिसंबर 2020 से महेंद्र को योजना के तहत फेलोशिप, मकान किराया भत्ता (एचआरए) और आकस्मिक अनुदान के रूप में सहायता मिलनी शुरू हुई। इन तीन घटकों के संयुक्त सहयोग से उन्हें कुल ₹24 लाख की राशि प्राप्त हुई।

  • फेलोशिप – पीएचडी शोध खर्चों के लिए
  • मकान किराया भत्ता – आवासीय खर्चों के लिए
  • आकस्मिक अनुदान – अप्रत्याशित खर्चों के लिए

शोध यात्रा पर प्रभाव

महेंद्र के अनुसार, वित्तीय सहायता मिलने के बाद उनके शैक्षणिक, पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। उन्होंने कहा कि फेलोशिप ने उनकी डॉक्टरेट पढ़ाई को पूरी तरह समर्थन दिया और आर्थिक चुनौतियों से निपटने में मदद की।