राजस्थान पुलिस ने झालावाड़ जिले के भवानीमंडी इलाके में चल रहे एक मानव तस्करी और देह व्यापार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान 12 से 17 आयु वर्ग की छह नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
पुलिस अधीक्षक अमित बुढानिया के अनुसार, इस मामले में कुछ पीड़ित बच्चियों की माताएं और बिचौलिए शामिल हैं। परिवारों द्वारा अपनी ही नाबालिग बेटियों को इस दलदल में धकेले जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कदम उठाए।
गुप्त ऑपरेशन और एसआईटी की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रोबेशनरी आईपीएस अधिकारी आयुष श्रोत्रिय के निर्देशन में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। टीम ने गुप्त रूप से बस्तियों में साक्ष्य जुटाए, जिसके बाद 15 टीमों और 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने एक साथ इन डेरों पर दबिश दी।
चिकित्सकीय परीक्षण और फोरेंसिक जांच में पांच बच्चियों के साथ गंभीर शोषण की पुष्टि हुई है। साथ ही, दो पीड़ितों में यौन संचारित संक्रमण की बात भी सामने आई है। एफएसएल टीम ने मौके से अहम डिजिटल व भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने इस संबंध में इम्मोरल ट्रैफिक एक्ट और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए पांचों संदिग्धों को अदालत में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है।
मुक्त कराई गई सभी बालिकाओं को उनकी सुरक्षा और बेहतर देखभाल के लिए बालिका आश्रय गृह में रखा गया है। इस आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की गहराई से जांच की जा रही है।

