5 नवंबर, 2026 को मध्य प्रदेश के देवास में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, राज्य सरकार और उद्योग संघ के सहयोग से "श्रम संवाद" नामक कार्यक्रम आयोजित हुआ।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य नियोक्ताओं, मानव संसाधन, कानूनी और वित्त पेशेवरों के बीच श्रम संहिता और उसके नियमों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम की मुख्य बातें

एमओएलई निदेशक श्री एस. आर. दत्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और मुख्य भाषण में श्रम संहिता की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला।

तकनीकी सत्रों में नियोक्ताओं के दायित्वों और भारत सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पहलों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।

ईपीएफओ और डीजीएलडब्ल्यू के प्रतिनिधियों ने क्रमशः प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना पर सत्रों का संचालन किया।

श्रम मंत्रालय ने नियोक्ताओं के लिए अनुपालन पुस्तिका और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों का संकलन प्रतिभागियों के साथ साझा किया।

प्रतिभागी और भागीदारी

इस कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें नियोक्ता, उद्योग प्रतिनिधि, कानूनी, मानव संसाधन और वित्त पेशेवर शामिल थे।

एमओएल, मध्य प्रदेश सरकार के श्रम विभाग, ईपीएफओ, ईएसआईसी और मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सत्रों में भाग लिया।

आगे क्या

कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों को श्रम संहिता, अनुपालन आवश्यकताओं और सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों के बारे में स्पष्टता मिली।