केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अध्यक्षता में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की 93वीं महापरिषद बैठक आज नई दिल्ली स्थित निगम के मुख्यालय में आयोजित की।

बैठक में NCDC की वित्तीय और संस्थागत उपलब्धियों, सहकारी क्षेत्र में वित्तपोषण के विस्तार, नई बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के विकास, ग्रामीण आजीविका के सुदृढ़ीकरण और निगम की भावी कार्ययोजना पर विचार-विमर्श हुआ।

पिछले पाँच वर्षों की उपलब्धियाँ

अमित शाह ने पिछले पाँच वर्षों में NCDC की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अवधि को निगम के लिए “स्वर्णिम काल” कहा जा सकता है।

स्रोत के अनुसार, सहकारी मंत्रालय के गठन के बाद से NCDC ने ₹4.14 लाख करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित की है। वित्त वर्ष 2025‑26 में निगम ने ₹1.27 लाख करोड़ से अधिक का संवितरण किया और शुद्ध लाभ ₹1,475 करोड़ अर्जित किया।

भविष्य की दिशा

अमित शाह ने NCDC के अगले 25 वर्षों के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र के अनुभवी प्रतिनिधियों और पेशेवर विशेषज्ञों का एक समूह गठित किया जाना चाहिए।

साथ ही, उन्होंने सहकारी क्षेत्र में प्रशासन को पेशेवर बनाना और सहकारी सिद्धांतों पर आधारित रखना आवश्यक बताया।

पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान

बैठक में पूर्वोत्तर को दूध, अंडा, मछली और मांस उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सहकारी क्षेत्र के माध्यम से विशेष परियोजनाएँ तैयार करने पर बल दिया गया।

अमित शाह ने निर्देश दिया कि NCDC के पूर्वोत्तर स्थित कार्यालय इन चार क्षेत्रों पर केंद्रित व्यावहारिक परियोजनाएँ तैयार करें और आवश्यक वित्तपोषण उपलब्ध कराएँ।