जयपुर 23 अक्टूबर। पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित नवनियुक्त पशुचिकित्सा अधिकारियों का आमुखीकरण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन 'राजस्थान सेवा नियमों के अंतर्गत आचरण नियम एवं अवकाश नियम' विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीणा ने सभी नवनियुक्त पशुचिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने सेवाकाल में तकनीकी कौशल के साथ-साथ शासकीय नियमों, नवीनतम संशोधनों और विभागीय निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी अधिकारी फील्ड में जाकर उत्कृष्ट कार्य करेंगे और पशुपालकों की सेवा में विभाग का नाम रोशन करेंगे।

कार्यक्रम में तकनीकी एवं चिकित्सकीय कार्यों के साथ-साथ कार्यालयीन प्रशासन, विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और वरिष्ठ व अधीनस्थ कार्मिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के नियमों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

सत्र के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा में अधिकारी का आचरण व्यक्तिगत न होकर पूरे विभाग की छवि और जनता के विश्वास से जुड़ा होता है। राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 के तहत सभी नवनियुक्त अधिकारियों को पूर्ण सत्यनिष्ठा, कर्तव्य के प्रति समर्पण और पद की गरिमा बनाए रखने के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही, राजस्थान सेवा नियमों के तहत अवकाश की पात्रता, विभिन्न प्रकार की छुट्टियों और सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति से जुड़े कानूनी व व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया।

सत्र के अंत में विषय विशेषज्ञों द्वारा अधिकारियों की शंकाओं का समाधान करने के लिए एक प्रश्नोत्तर सत्र भी रखा गया। निदेशक एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए आमंत्रित विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।

रचना सिद्धा /डॉ.रवीन्द्र