राजस्थान सरकार ने आज घोषणा की कि किसानों के लिए उपलब्ध अनुदानित यूरिया और डीएपी का गैर‑कृषि कार्यों में उपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कृषि आयुक्तालय ने प्रदेशभर में कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस प्रकार के दुरुपयोग में संलिप्त व्यक्तियों के साथ-साथ कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उर्वरक पर सब्सिडी की राशि

कृषि आयुक्त श्री नरेश कुमार गोयल ने बताया कि भारत सरकार द्वारा किसानों को यूरिया के प्रति बैग पर लगभग ₹2,700 और डीएपी के प्रति बैग पर लगभग ₹3,500 की सब्सिडी दी जा रही है।

कानूनी प्रावधान और दंड

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत धारा 7 के अंतर्गत उल्लंघन पर तीन माह से सात वर्ष तक की जेल और जुर्माना तय है।

धारा 10 के तहत दोषी कंपनियों और उनके जिम्मेदार व्यक्तियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है, तथा अवैध परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया जा सकता है।

औद्योगिक इकाइयों पर नई जिम्मेदारी

औद्योगिक, प्लाईवुड, रेजिन, पशु आहार आदि गैर‑कृषि इकाइयों को हर महीने गैर‑अनुदानित यूरिया की खरीद और उत्पादन का विवरण विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराना होगा।

सूचना देने वालों को नकद प्रोत्साहन

राज्य सरकार ने मुखबिर योजना के तहत अवैध गतिविधियों की प्रमाणिक सूचना देने वाले व्यक्तियों को नकद प्रोत्साहन या इनाम राशि देने का प्रावधान किया है।

रबी सीजन में खाद उपलब्धता की प्राथमिकता

किसानों के लिए समय पर यूरिया और डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है, विशेषकर रबी बुवाई के महत्वपूर्ण समय में।