26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय (बिब्लियोथेक नेशनेल डी फ्रांस) के बीच पांडुलिपि संरक्षण के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए।
इस समझौते के तहत, दोनों पक्ष डिजिटलीकरण, डिजिटल सुलभता, प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान, संरक्षण और भारतीय मूल की पांडुलिपियों से संबंधित शोध पर सहयोग करेंगे।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
सहयोग के पाँच प्रमुख क्षेत्र हैं: डिजिटलीकरण, राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी पर साझाकरण, प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान, संरक्षण और अनुसंधान एवं विकास।
- भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार, राष्ट्रीय पुस्तकालय और ज्ञान भारतम् मिशन के माध्यम से सहयोग
- बीएनएफ के पास मौजूद भारतीय मूल की पांडुलिपियों की पहचान और डिजिटल रूपांतरण
- डिजिटलीकरण एवं संरक्षण तकनीकों, कैटलॉगिंग मानकों, ओसीआर/एचटीआर उपकरणों का आदान-प्रदान
- संयुक्त कार्यशालाएँ, क्षमता-विकास कार्यक्रम, शोध पहल, प्रकाशन और प्रदर्शनियाँ
- विद्वानों एवं विशेषज्ञों का आदान-प्रदान
