केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 72वीं वार्षिक आम सभा में बताया कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) की 26 क्षेत्रीय और 43 स्थानीय शाखाएँ 31 मार्च 2026 तक स्थापित हैं।
मंत्री ने कहा कि डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन पाठ्यक्रम और निजी क्षेत्र के सहयोग से आईआईपीए की पहुँच को और बढ़ाया जाएगा ताकि क्षमता निर्माण के अवसर केवल दिल्ली तक सीमित न रहें।
आईआईपीए की वर्तमान स्थिति
31 मार्च 2026 तक, आईआईपीए की देशव्यापी पहुँच में 26 क्षेत्रीय और 43 स्थानीय शाखाएँ शामिल हैं।
सदस्यता 11,611 तक पहुँच चुकी है, जिसमें युवा पेशेवरों और हाल के स्नातकों को शामिल करने के प्रयास जारी हैं।
2025-26 में, संस्थान ने 45 शोध परियोजनाएँ पूरी कीं, 13 चल रही हैं, और 130 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 35 राज्य, जिला और लोकल स्तर के अधिकारियों के लिए थे।
डिजिटल शिक्षा का महत्व
मंत्री ने डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को क्षमता निर्माण का प्रमुख माध्यम बताया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और निजी क्षेत्र के सहयोग से सीखने के संसाधनों को बड़े दर्शकों तक पहुँचाने की योजना है।
भविष्य की दिशा
आईआईपीए की क्षेत्रीय और स्थानीय शाखाओं को और मजबूत कर व्यापक भागीदारी, पेशेवर जुड़ाव और ज्ञान के प्रसार को सुनिश्चित किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह प्रयास भारत के विकसित भारत @ 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
