जयपुर , 30 अक्टूबर। हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) , जयपुर में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के लिए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम- 2023 विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग ( DOIT&C) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ( MeitY) के राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग ( NeGD) ने नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागिता की। कार्यशाला में राज्य के सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला के प्रारंभ में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने मुख्य वक्तव्य दिया। इस दौरान एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रीमती श्रेया गुहा तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सचिव श्री रवि कुमार सुरपुर भी उपस्थित रहे।
डिजिटल गवर्नेंस के लिए साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण अनिवार्य : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने कहा कि 21 वीं सदी में सुशासन के लिए सेवाओं की डिजिटल माध्यम से प्रदायगी आवश्यक है। इसके लिए सरकार द्वारा संचालित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं के प्रभावी विस्तार के लिए नागरिकों के अनुकूल डेटा संरक्षण व्यवस्था विकसित करने के साथ ही उनके व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता के संबंध में सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आमजन का विश्वास मजबूत करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम- 2023 जैसे कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इस प्रकार की कार्यशालाएं महत्वपूर्ण हैं। इससे अधिनियम की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत डेटा संरक्षण के कानूनी प्रावधानों से अवगत कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने इस विषय से जुड़े विभिन्न न्यायिक निर्णयों का भी उल्लेख किया।
नागरिकों के डेटा का उद्देश्यपरक उपयोग एवं साइबर स्वच्छता पर जोर—
मुख्य सचिव ने कहा कि मौजूदा कानूनी प्रावधानों के अनुसार सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं सेवाओं के माध्यम से उपलब्ध नागरिकों के व्यापक व्यक्तिगत डेटा का उपयोग केवल लक्षित सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए ही किया जाना चाहिए। उन्होंने नागरिकों एवं सरकारी कार्मिकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तथा सरकारी डेटा सेंटर को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने इन प्लेटफॉर्म्स पर साइबर स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए उपादेयता के आधार पर डेटा का निर्धारित अवधि तक ही संरक्षण एवं समय पर विलोपन , समय-समय पर पासवर्ड बदलने , डेटा गोपनीयता के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कानूनी कार्रवाई तथा प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने पर जोर दिया।
सीएमए श्री नीतीश कालरा ने किया कार्यशाला का संचालन , डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम पर विस्तृत चर्चा—
कार्यशाला का संचालन कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट ( CMA) श्री नीतीश कालरा ने किया। कार्यशाला में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम , 2023 (DPDP Act) के विभिन्न प्रावधानों , उसकी प्रासंगिकता एवं उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान नागरिकों के डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के सुरक्षित , पारदर्शी एवं प्रभावी उपयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप डेटा का उपयोग किस प्रकार सुशासन , बेहतर प्रशासनिक सेवाओं एवं नागरिकों के हितों को सुनिश्चित करने में किया जा सकता है। साथ ही , व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता एवं सुरक्षा बनाए रखने की आवश्यकता पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ आयोजित—
कार्यशाला के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया , जिसमें अधिकारियों ने अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों एवं उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा की। अंत में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार सचिव ने संक्षिप्त उद्बोधन के माध्यम से सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
अमन
