राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने 27 अक्टूबर को नीमराणा के डायकिन जापानी इंस्टीट्यूट ऑफ मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस (डीजेएमई) में जिला स्तर के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में कृषि, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा, नशा मुक्त और टीबी मुक्त अभियानों पर चर्चा हुई।

नशा मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय, स्कूल‑कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम और गांव‑गांव जाकर निगरानी को सख्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करें।”

स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों की दिशा‑निर्देश

स्वास्थ्य विभाग को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रोगियों की समय पर पहचान, नियमित उपचार और पात्र मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश मिले। राज्यपाल ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और जनजागरूकता पर बल दिया।

शिक्षा विभाग को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और कमजोर छात्रों के लिए उपचारात्मक कक्षाओं की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सुधारने के लिए शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया।

कृषि एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा

कृषि विभाग को उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के निर्देश मिले। सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पालनहार योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को सरल, पारदर्शी और लक्षित लाभार्थियों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

  • नशा मुक्त अभियान में प्रत्येक गांव में निगरानी को सख्त करना
  • टीबी रोगियों को पोषण सहायता सहित समय पर उपचार प्रदान करना
  • विद्यार्थियों को नीट‑यूजी, जेईई आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन देना