- 5 वर्ष तक के 92.83 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक,
- मिशन निदेशक ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समय पर तैयारियां पूरी करने के दिए निर्देश
जयपुर, 23 अक्टूबर। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत स्टेट टास्क फोर्स की बैठक शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में आगामी 22 नवम्बर को प्रदेश के चयनित 32 जिलों में आयोजित होने वाले उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। मिशन निदेशक ने अभियान की सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
डॉ. जोगाराम ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर समन्वय स्थापित करते हुए अभी से तैयारियां शुरू की जाएं। उन्होंने बताया कि चयनित 32 जिलों में 5 वर्ष तक की आयु के 92 लाख 83 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अभियान में तैनात किए जाने वाले कार्मिकों का समय पर प्रशिक्षण सुनिश्चित करने तथा जिलों में आवश्यक तैयारियों और प्रबंधन के लिए गठित समितियों की बैठकें आयोजित कर व्यापक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
अभियान प्रदेश के अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, कोटा, कोटपुतली-बहरोड़, नागौर, पाली, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सलूम्बर, सीकर, सिरोही, टोंक एवं उदयपुर में आयोजित किया जाएगा।
एचपीवी टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा—
बैठक में मिशन निदेशक ने एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने 75 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में आवश्यक जानकारी सत्र आयोजित कर लक्षित लाभार्थियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने पंचायती राज विभाग एवं शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लक्षित वर्ग तक पहुंच सुनिश्चित करने और टीकाकरण से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
बैठक में निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर, परियोजना निदेशक टीकाकरण डॉ. रघुराज सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ तथा अन्य विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
ओटाराम/अभिषेक
