बूंदी, 23 अक्टूबर। सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं छोटे कारोबारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से बूंदी के निवासी अजय को अपने फास्ट फूड के ठेले के व्यवसाय को आगे बढ़ाने में आर्थिक संबल मिला है।
अजय कई वर्षों से गवर्नमेंट कॉलेज, देवपुरा के पास फास्ट फूड का ठेला लगाकर अपने परिवार की आजीविका चलाते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी। कारोबार के लिए सामान खरीदने हेतु पर्याप्त पूंजी नहीं बची थी, जिसके कारण उन्हें अक्सर ऊंचे ब्याज पर उधार लेना पड़ता था। इससे कमाई का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में खर्च हो जाता था।
इसी दौरान उन्हें नगर परिषद बूंदी के माध्यम से पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और ऋण प्राप्त कर अपने व्यवसाय को फिर से व्यवस्थित किया। समय पर ऋण चुकाने के बाद उन्होंने दूसरे ऋण के लिए 20,000 रुपये का आवेदन किया। डिजिटल भुगतान अपनाने से ग्राहकों की संख्या बढ़ी और वे कारोबार के लिए अतिरिक्त स्टॉक रखने में सक्षम हुए।
निरंतर मेहनत, नियमित भुगतान और कारोबार में हुई प्रगति के चलते अजय ने आगे चलकर 50,000 रुपये का ऋण भी प्राप्त किया। वे इस ऋण का पुनर्भुगतान कर रहे हैं। उनके अच्छे पुनर्भुगतान रिकॉर्ड के आधार पर वे पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड के लिए पात्र बने।
अजय की कहानी बताती है कि समय पर मिलने वाला वित्तीय सहयोग और मेहनत छोटे व्यवसाय को नई दिशा दे सकते हैं। पीएम स्वनिधि योजना ने उन्हें ऊंचे ब्याज वाले उधार पर निर्भरता कम करने, कारोबार बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ने में मदद की।
लाभार्थी अजय के शब्दों में:
“पीएम स्वनिधि योजना ने मेरे व्यवसाय को नई दिशा दी है और मुझे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद की है।”
