जयपुर में 3 से 9 नवंबर तक दिवाली के दौरान बसों की आवाजाही को बदलने के प्रस्ताव को रद्द कर, रोडवे और निजी बसों को पहले की तरह सिंधी कैंप से ही चलाने का निर्णय लिया गया। यह फैसला ट्रैफिक पुलिस, रोडवे अधिकारियों और निजी बस ऑपरेटर्स के बीच हुई बहस के बाद लिया गया।
ट्रैफिक पुलिस ने शुरुआती तौर पर शहर के बाहर चार बाहरी स्टैंड से स्लीपर बसों को चलाने की योजना बनाई थी, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त 20 किमी तक का सफर करना पड़ता। लेकिन रोडवे और निजी बस ऑपरेटर्स ने इस कदम का विरोध किया, यह कहते हुए कि उनके यात्रियों की बुकिंग और पिक‑अप व्यवस्था सिंधी कैंप से होती है।
विरोध के बाद पुरानी व्यवस्था को बरकरार रखा गया
रोडवे अधिकारियों ने कहा कि सिंधी कैंप राज्यभर के यात्रियों के लिए मुख्य बस स्टैंड है और यहाँ से ही संचालन जारी रखना चाहिए। प्रवीण नायक, डीसीपी ट्रैफिक, ने बताया कि यदि बसें बाहर शिफ्ट होतीं तो यात्रियों को रेलवे स्टेशन से अन्य स्टैंड तक जाना पड़ता, जिससे अतिरिक्त किराया और कनेक्टिविटी की समस्या बढ़ती।
राकेश राव, प्रबंधक सिंधी कैंप, ने कहा, “यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। रोडवे अधिकारियों से वार्ता हुई है। निजी और रोडवे बसों का संचालन यथावत रहेगा।”
पहले प्रस्ताव की मुख्य बातें
- 3‑9 नवंबर तक स्लीपर बसों को शहर के भीतर प्रवेश न देना।
- बाहरी स्टैंड: ट्रांसपोर्ट नगर (बजरी मंडी), हीरापुरा (भांकरोटा), बी‑2 क्लोवरलीफ (पुराना बाइपास), विद्याधर नगर स्टेडियम (सीकर)।
- उद्देश्य: दिवाली के दौरान ट्रैफिक जाम को कम करना।
अब दोनों रोडवे और निजी बसें सिंधी कैंप से ही चलेंगी, जिससे यात्रियों को अपने मौजूदा बुकिंग और पिक‑अप पॉइंट पर कोई बदलाव नहीं करना पड़ेगा।
