जयपुर, 26 अक्टूबर। राज्य में बालश्रम उन्मूलन के संबंध में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन जिलों में बालश्रम के मामले सामने आ रहे हैं, वहां सतत निगरानी रखी जाए तथा नियमित फील्ड विजिट और निरीक्षण के माध्यम से बालश्रम रोकथाम के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
श्री श्रीनिवास ने निर्देश दिए कि बालश्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास तक की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी की जाए ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण एवं बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बालश्रम से प्रभावित बच्चों की जानकारी जुटाने के लिए सर्वे कराने की आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।
पिछले चार वर्षों में करीब 5 हजार बच्चे मुक्त—
बैठक में बताया गया कि राजस्थान में पिछले चार वर्षों में करीब 5 हजार बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया गया है। इनमें जयपुर जिले में सर्वाधिक 1,560, उदयपुर में 600 तथा कोटा में 315 बच्चे शामिल हैं। इस अवधि में बालश्रम की रोकथाम के लिए कुल 8,474 निरीक्षण किए गए तथा 1,787 मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए।
इस दौरान श्रम विभाग के शासन सचिव श्री पी. सी. किशन, विशेष मॉनिटर (बंधुआ श्रम एवं बाल श्रम) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग श्री धनंजय टिंगल, महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव श्रीमती पूनम, श्रम आयुक्त श्रीमती पूजा पार्थ सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सोनू/ब्रजेश
