चूरू जिले में 06 नवंबर को महिला अधिकारिता विभाग के निर्देशन में जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के आदेश पर बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के लिए मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में सहायक निदेशक राजेन्द्र शेखावत, पीआरओ सूर्यकान्त कुमावत, पीआरओ मनीष कुमार और अन्य अधिकारियों के साथ मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य
सहायक निदेशक राजेन्द्र शेखावत ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य में बाधक है। उन्होंने मीडिया से अभियान के संदेश को जन‑जन तक पहुँचाने का आग्रह किया।
पीआरओ सूर्यकान्त कुमावत ने बाल विवाह को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताया और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी की माँग की।
पीआरओ मनीष कुमार ने बाल विवाह की रोकथाम, बालिकाओं की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण पर जागरूकता गतिविधियों के लिए आह्वान किया।
100‑दिवसीय योजना के तहत गतिविधियाँ
राजेन्द्र शेखावत ने बताया कि जिले में 100‑दिवसीय मॉड्यूल के अनुसार विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ और कार्यक्रम चल रहे हैं, जिनसे आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान और रोकथाम के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अन्य योजनाओं की जानकारी
सुपरवाइजर कृष्णा ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, सखी वन स्टॉप सेंटर, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केन्द्र, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, शिक्षा सेतु योजना और महिला अधिकारिता विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी दी।
मीडिया प्रतिनिधियों ने बाल विवाह की रोकथाम और महिला‑बालिका सशक्तीकरण से जुड़े मुद्दों पर सुझाव साझा किए।
- सहायक निदेशक राजेन्द्र शेखावत – बाल विवाह के दुष्परिणाम पर प्रकाश
- पीआरओ सूर्यकान्त कुमावत – शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान पर बल
- पीआरओ मनीष कुमार – बालिकाओं की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण पर जागरूकता

