जोधपुर जिले के बिलाड़ा तहसील के भावी गांव में सरपंच पद के चुनाव में मतपत्र चोरी और बाद में हुए दंगे के कारण दो बार मतदान रद्द कर दिया गया।
गांव में लगभग 8,000 मतदाता हैं और दो प्रत्याशी प्रतिस्पर्धा कर रहे थे, परंतु घटना के बाद मतदान की नई तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
स्थानीय पुलिस ने अतिरिक्त जाब्ता तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी है और थाने के आसपास सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
जिला अधिकारी मनीष देव ने बताया कि फुटेज से पहचाने गए आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, और उनके वाहन के नंबर भी नोट किए गए हैं।
मतपत्र चोरी के मामले में मतदान अधिकारी जगदीश सारण और सहायक अधिकारी सहीराम को गिरफ्तार कर रिमांड पर सौंपा गया, जबकि शांति भंग के आरोप में सुनील चौधरी, नेमाराम और पुसाराम को भी तीन दिन के रिमांड पर रखा गया।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने कहा कि 36 कौम के इस गांव में पहले कभी ऐसा तनाव नहीं देखा गया और यह घटना गांव की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।
एक ग्रामीण, मांगीलाल, ने कहा, "आजादी के बाद पहली बार चुनाव के दौरान ऐसा माहौल देखा है।"
दूसरे ग्रामीण, महेन्द्रकुमार, ने कहा कि गांव में सभी वर्गों के लोग सामान्य रूप से रहते हैं और अब तक कोई दबाव नहीं रहा।
आगे क्या?
पुलिस ने बताया कि मतदान तक पर्याप्त सुरक्षा मौजूद रहेगी और नई मतदान तिथि के बारे में जल्द ही सूचना जारी की जाएगी।

