नई दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवंबर 2026 तक भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2026 का आयोजन किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 नवंबर को इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

सम्मेलन का दायरा और भागीदार देश

इस चार दिवसीय कार्यक्रम में 130 से अधिक देशों के मंत्रियों, नीति निर्माताओं, उद्योग जगत के दिग्गजों, निवेशकों और नवप्रवर्तकों के शामिल होने की उम्मीद है।

ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम भागीदार देशों के रूप में भाग लेंगे।

भारतीय राज्यों की भागीदारी

आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित तेरह राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, निवेश के अवसरों और विनिर्माण क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।

मुख्य कार्यक्रम और आकर्षण

सम्मेलन में राष्ट्रीय और वैश्विक प्रदर्शक नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करेंगे। राष्ट्रीय हैकाथॉन, नवीकरणीय ऊर्जा क्विज और REGen पवेलियन प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं।

इंटरनेशनल सौर गठबंधन (ISA) की 9वीं सभा और ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (ICGH) भी इसी परिसर में आयोजित होंगे।

निवेश और नीति पर चर्चा

सचिव संतोष सारंगी ने कहा कि 2030 तक 500 गीगावाट लक्ष्य को पाने के लिए 2027 से 2030 के बीच लगभग 220 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी।

सम्मेलन में वित्तपोषण, नीति, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास पर केंद्रित उच्च-स्तरीय सत्र, मंत्रिस्तरीय चर्चाएँ, सीईओ राउंडटेबल और देश व राज्य के विशेष सत्र आयोजित होंगे।

अतिरिक्त कार्यक्रम

भारत रिन्यूएबल एनर्जी हैकाथॉन 2026 के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

REGen पवेलियन में छात्रों, नवप्रवर्तकों और शोधकर्ताओं को अपने विचार प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा।

अधिक जानकारी

सम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट www.bresummit.in पर अधिक विवरण उपलब्ध है।