नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ( एमएनआरई) , अपने केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ( सीपीएसयू) और स्वायत्त संस्थानों के साथ मिलकर विशेष अभियान 6 का सक्रिय रूप से लागू कर रहा है।

मंत्रालय और इसके संबद्ध संगठनों ने निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले लगभग 60-70 प्रतिशत प्रगति हासिल की है। इसके अंतर्गत स्वच्छता , अभिलेखों के कुशल प्रबंधन , कार्यालयीन स्थान के इष्टतम उपयोग और लंबित मामलों के निपटान की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रमुख गतिविधियों में कार्यालयों , गलियारों और कैंटीन में स्वच्छता अभियान चलाना ; भौतिक अभिलेखों की समीक्षा और उनकी छंटाई ; अनुपयोगी सामग्रियों को हटाना तथा लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार ई-कचरे की पहचान और उसका निपटान करना शामिल है।

मंत्रालय , इसके दो केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों — भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड ( इरेडा) और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ( सेकी) तथा तीन स्वायत्त संस्थानों — राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान ( एनआईएसई) , राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान ( एनआईडब्ल्यूई) और सरदार स्वर्ण सिंह राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा संस्थान ( एसएसएस-एनआईबीई) — इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ( डीएआरपीजी) द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत स्वरूप प्रदान करना और लंबित मामलों को न्यूनतम करना है। इसका कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर , 2026 को शुरू हुआ और 31 अक्टूबर , 2026 तक जारी रहेगा।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय 31 अक्टूबर , 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद भी स्वच्छता , जवाबदेही और कार्यस्थल के कुशल प्रबंधन की संस्कृति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।