नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आज एराइज़ सिटीज़ फोरम 2026 का उद्घाटन हुआ। 18 से अधिक देशों के 50 से अधिक शहरों के 200 से अधिक प्रतिनिधि, जो ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करते हैं, एक साथ आए।

फोरम का विषय "भारत से अंताल्या तक — प्रतिबद्धता, क्रियान्वयन, परिणाम" था। तीन तकनीकी प्लेनरी सत्र और 14 तकनीकी सत्रों में शहरी लचीलापन, सततता और निम्न-कार्बन विकास पर चर्चा की गई।

मुख्य वक्ता और उनके बिंदु

राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि चर्चाओं को व्यावहारिक कार्यों तक ले जाना चाहिए। उन्होंने "संकल्प से योजना तक, योजना से क्रियान्वयन तक और क्रियान्वयन से परिणामों तक" की आवश्यकता पर बल दिया।

यूएन वुमन इंडिया की देश प्रतिनिधि शोको इशिकावा ने लैंगिक संवेदनशील और समावेशी शहरी विकास की माँग की। उन्होंने शहरी अवसंरचना में महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

राष्ट्रीय शहरी मामलों संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलीना कुंडू ने बताया कि फोरम का उद्देश्य जलवायु प्रतिबद्धताओं को कार्रवाई में बदलना है और COP31 में शहरों के अनुभवों को उजागर करना है।

पहले दिन के प्रमुख कार्यक्रम

पहले दिन दो प्लेनरी सत्र और आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। विषयों में जलवायु-लचीला जल प्रबंधन, शहरी जैव विविधता, तटीय लचीलापन और बाल-युवा-केंद्रित पहल शामिल थे।

यूथ फॉर क्लाइमेट हैकाथॉन 2.0 के विजेताओं को ऋतु ठाकुर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

ग्लोबल बिल्डिंग्स परफॉरमेंस नेटवर्क (जीबीपीएन) और आईसीएलईआई साउथ एशिया के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

आगामी कार्यक्रम और दिल्ली घोषणा 2026

फोरम 28 अक्टूबर को भी जारी रहेगा। समापन समारोह में "स्थानीय कार्रवाई द्वारा वैश्विक जलवायु लक्ष्यों हेतु दिल्ली घोषणा 2026" को अपनाया जाएगा और COP31 में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस घोषणा को COP31 के जलवायु चैंपियन तथा ज़ीरो वेस्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष सामेद आगिरबाश को सौंपा जाएगा।