बिम्सटेक सदस्य देशों का पहला समुद्री सुरक्षा अभ्यास 3 नवंबर, 2026 को श्री विजय पुरम में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह अभ्यास 30 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2026 तक अंडमान और निकोबार कमान की देखरेख में आयोजित किया गया।

अंडमान और निकोबार कमान भारत की एकमात्र परिचालन त्रि-सैन्य कमान है, जिसका नेतृत्व कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल विनीत मैकार्थी कर रहे हैं। इस अभ्यास में बिम्सटेक सदस्य देशों के नौसैनिक जहाजों ने भाग लिया।

शामिल नौसैनिक जहाज और प्रतिनिधि

पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार, इस अभ्यास में भारतीय नौसेना के पोत आईएनएस तारागिरी, आईएनएस कर्मुक और आईएनएस सरयू, म्यांमार नौसेना का पोत यूएमएस किंग आंग ज़ेया तथा श्रीलंकाई नौसेना का पोत एसएलएनएस गजाबाहु शामिल हुए। इसके अलावा कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और विशिष्ट प्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में बिम्सटेक के महासचिव इंद्र मणि पांडे, राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता (सेवानिवृत्त), म्यांमार नौसेना की केंद्रीय नौसैनिक कमान के कमांडर रियर एडमिरल क्याव क्याव हतू, श्रीलंका के बंदरगाह एवं नागर विमानन मंत्रालय के एयर वाइस मार्शल एमडीआर प्रसाद (सेवानिवृत्त) और बांग्लादेश के पोत बीएनएस प्रोटोय के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन मोहम्मद मंजूरुल इस्लाम शामिल रहे।

अभ्यास के चरण और उद्देश्य

यह अभ्यास ‘दिल्ली घोषणा’ की भावना के अनुरूप और नवंबर 2025 में समुद्री सुरक्षा सहयोग पर आयोजित चौथी बिम्सटेक विशेषज्ञ समूह बैठक के निष्कर्षों को आगे बढ़ाता है। श्री विजय पुरम में आयोजित बंदरगाह चरण के दौरान उच्चस्तरीय बैठकें, पेशेवर संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इसके बाद 2 से 3 नवंबर, 2026 तक श्री विजय पुरम के निकट समुद्री चरण आयोजित किया गया, जिसमें समन्वित समुद्री तैनाती और संयुक्त परिचालन कार्यक्रम शामिल रहे। इस अभ्यास का उद्देश्य बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना है।