सवाई माधोपुर जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से सघन स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत गुरुवार को आयोजित मातृ, शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और एचआरपी स्क्रीनिंग की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि एमसीएचएन दिवस पर गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, रक्त शर्करा और अन्य आवश्यक जांचें की जा रही हैं। इन जांचों के आधार पर उच्च रक्तचाप, गंभीर एनीमिया और मधुमेह जैसी समस्याओं से जुड़े जोखिम कारकों की पहचान कर महिलाओं को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी श्रेणी में चिन्हित किया जा रहा है।
विशेषज्ञ परामर्श और फॉलोअप की व्यवस्था
चिन्हित महिलाओं का नियमित फॉलोअप, आवश्यक उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श सुनिश्चित किया जा रहा है, तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। इसके अलावा, स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, खतरे के लक्षणों की पहचान और सुरक्षित संस्थागत प्रसव के बारे में परामर्श दिया जा रहा है।
अभियान के तहत नवजात शिशु की देखभाल, जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान प्रारंभ करने तथा छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने के संबंध में भी लगातार परामर्श दिया जा रहा है।
- गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच और एचआरपी स्क्रीनिंग की गई।
- उच्च रक्तचाप, गंभीर एनीमिया और मधुमेह के जोखिम कारकों की पहचान की जा रही है।
- जरूरत पड़ने पर महिलाओं को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है।
- जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान और छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने की सलाह दी जा रही है।
सत्रों की मॉनिटरिंग और आगामी निर्देश
इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, एचआरपी महिलाओं की शीघ्र पहचान और नियमित फॉलोअप का जायजा लिया। जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों पर पहुंचकर एमसीएचएन सत्रों एवं अभियान की प्रभावी मॉनिटरिंग की।
