उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के 23 वर्षीय अमित ने जिला नशा मुक्ति केंद्र (डीडीएसी) की सहायता से नशे की लत से बाहर आने में सफलता हासिल की है। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस केंद्र से मिलने वाली पुनर्वास सेवाओं ने उसके जीवन को एक नई दिशा दी है।
स्नातक होने के बावजूद अमित को नशे की लत के कारण शारीरिक, मानसिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। इससे उसके पेशेवर जीवन और पारिवारिक रिश्तों पर भी बुरा असर पड़ा था।
पुनर्वास केंद्र से मिली मदद
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की सेवाओं के तहत 30 मई 2025 को उसे सुल्तानपुर के जिला नशा मुक्ति केंद्र (डीडीएसी) से सहायता प्राप्त हुई। केंद्र ने उसे मेडिकल इलाज, समय पर दवाइयाँ, सुरक्षित रहने की जगह, पौष्टिक भोजन और व्यावसायिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
चिकित्सा देखभाल के साथ-साथ उसे परामर्श सत्रों, योग और कर्मचारियों के साथ नियमित बातचीत के माध्यम से भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सहयोग भी मिला।
जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
नियमित परामर्श और केंद्र के सहयोगी माहौल के कारण अमित का स्वास्थ्य सुधरा और उसका आत्मविश्वास वापस लौटा। उसने अपना नियमित काम फिर से शुरू कर दिया है और वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
