मुख्य सामग्री पर जाएँ

E-PAPER · ई-पेपर

टाइम्स ऑफ़ राजस्थान ई-पेपर — मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

राजस्थान संस्करण · 8 पृष्ठ

सभी पुराने अंक →
जयपुर
राजस्थान संस्करण
ई-पेपर
पृष्ठ 1

टेक

रक्षा मंत्री ने ‘स्वावलंबन 2026’ में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के अगले चरण ‘आत्मनिर्भरता 2.0’ का आह्वान किया

विकसित भारत के लिए किफायती व अत्याधुनिक तकनीकें, सुदृढ़ अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और लचीली आपूर्ति शृंखला आवश्यक हैं: श्री राजनाथ सिंह आपूर्ति शृंखला प्रबंधन एक रणनीतिक अनिवार्यता है: रक्षा मंत्री ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, उद्योगों और संसाधनों की पहचान कर समयबद्ध रूपरेखा तैयार करने का आग्रह किया “रक्षा उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों के बीच सुदृढ़ सहयोग, शैक्षणिक संस्थानों में अनुसंधान एवं नवाचार को अधिक प्रोत्साहन तथा युवाओं के लिए बढ़ते अवसर, ये सभी अनुसंधान व नवाचार की सशक्त संस्कृति विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं” “संयुक्तता को बढ़ावा देने के लिए असैन्य और सैन्य उपयोगों तथा अंतर-सेवा उपयोग के वास्ते प्रौद्योगिकियां विकसित करने की आवश्यकता है”

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता 2.0’ का आह्वान किया है। इसके तहत अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के विकास, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) को सुदृढ़ करने तथा मजबूत आपूर्ति शृंखला विकसित करने पर जोर दिया गया है, ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके और तकनीकी श्रेष्ठता हासिल की जा सके। इससे ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलेगी। रक्षा मंत्री 26 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में भारतीय नौसेना के नौसैनिक नवाचार एवं स्वदेशीकरण संगोष्ठी ‘स्वावलंबन’ के पांचवें संस्करण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता के पहले चरण में मिली सफलताओं को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री सिंह ने कहा कि दूरदर्शी सोच और वैज्ञानिक अनुशासन से युक्त रक्षा क्षेत्र के नवोन्मेषक अधिक चुनौतीपूर्ण तकनीकी लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

श्री राजनाथ सिंह ने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक हासिल की गई उपलब्धियों ने आत्मनिर्भरता के अगले चरण के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। इस चरण में उन्नत प्रौद्योगिकियों के विकास और उन चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिन्हें अब तक कठिन माना जाता रहा है। रक्षा मंत्री ने ऐसे उत्पादों के स्वदेशी विनिर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया, जो किफायती होने के साथ-साथ परिचालन की दृष्टि से बेहतर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हों।

रक्षा मंत्री ने आपूर्ति शृंखला प्रबंधन को केवल एक तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा रणनीतिक विषय बताया है। उन्होंने एक गतिशील रूपरेखा तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें प्रत्येक वस्तु के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित हो, विकसित की जाने वाली प्रौद्योगिकियों तथा उनमें नवाचार करने वाले उद्योगों की पहचान की गई हो और इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक संसाधनों का विवरण दिया गया हो। श्री सिंह ने कहा, “आपूर्ति शृंखला में निर्भरता के पीछे कुछ कच्चे माल, जैसे दुर्लभ मृदा तत्वों की देश में सीमित उपलब्धता और कुछ विशिष्ट प्रौद्योगिकियों का अभाव जैसे कारण हैं। हालांकि, बेहतर विकल्प विकसित होने या देश में आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने तक कुछ हद तक बाहरी निर्भरता बनी रह सकती है। फिर भी, स्वदेशीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।”

श्री राजनाथ सिंह ने आपूर्ति मार्गों में संभावित व्यवधानों से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी संकट के उत्पन्न होने का इंतजार करने के बजाय, बफर स्टॉक और घरेलू उत्पादन क्षमताओं का आकलन पहले ही कर लेना चाहिए। रक्षा मंत्री ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए अनुसंधान एवं विकास को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने देश की प्रतिभाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि निरंतर ध्यान और निवेश के माध्यम से वे स्वदेशी स्तर पर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां विकसित करने में सक्षम हैं।

रक्षा मंत्री ने अनुसंधान से जुड़े स्वाभाविक जोखिमों का उल्लेख करते हुए विफलता के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव लाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्नत अनुसंधान एवं विकास तंत्र वाले देशों में भी विफलता की दर अधिक होती है, जो नवाचार प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा है। श्री सिंह ने कहा, “हालांकि, जोखिम से बचने की प्रवृत्ति स्वाभाविक है, लेकिन यह एक अवसर भी प्रस्तुत करती है। तो क्या हम ऐसे वित्तपोषण तंत्र विकसित कर सकते हैं, जो उच्च जोखिम और उच्च प्रतिफल वाली परियोजनाओं को समर्थन दे सकें? क्या हम अनुसंधान एवं विकास में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं, क्योंकि उसमें जोखिम उठाने की क्षमता अधिक होती है? हमें दो प्रमुख क्षेत्रों यानी कि निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और कम लागत वाली प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहित करने में आगे बढ़ने के तरीकों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र में जोखिम उठाने की क्षमता अधिक होती है, जबकि कम लागत वाली प्रौद्योगिकियों के माध्यम से छोटे स्तर पर प्रयोग करके भी महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।”

श्री राजनाथ सिंह ने इजरायली, दक्षिण कोरिया और अमेरिका जैसे देशों में अनुसंधान एवं विकास की संस्कृति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन देशों में नवाचार को जीवनशैली का अभिन्न अंग माना जाता है और विफलता को सीखने के अवसर के रूप में देखा जाता है। रक्षा मंत्री ने भारत में अनुसंधान एवं नवाचार की सुदृढ़ संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करने, शैक्षणिक संस्थानों में अनुसंधान एवं नवाचार को अधिक प्रोत्साहन देने तथा युवाओं के लिए आरएंडडी के क्षेत्र में करियर बनाने के अधिक अवसर सृजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

रक्षा मंत्री ने बताया कि नवाचार के लिए रक्षा उत्कृष्टता के लिए आईडेक्स पहल ने स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को ऐसी प्रौद्योगिकियां विकसित करने में सक्षम बनाया है, जिनके लिए पहले भारत आयात पर निर्भर था। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना द्वारा प्रस्तुत 229 चुनौतियों के जवाब में 4,000 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो देश में उपलब्ध प्रतिभा की व्यापकता और उद्यमियों के उत्साह को दर्शाते हैं। श्री सिंह ने आईडेक्स के माध्यम से हुई प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय स्टार्टअप और एमएसएमई ने नौसैनिक प्रणालियों, सेंसर, संचार तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समाधान विकसित किए हैं। इस प्रकार, उन्होंने परिचालन संबंधी चुनौतियों को नवाचार के अवसरों में बदल दिया है।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों के कारण नौसैन्य युद्धपोतों की मांग लगातार बढ़ रही है। इन जहाजों के निर्माण में भारी पूंजी निवेश की आवश्यकता को देखते हुए घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत कम करने के उपायों पर भी विचार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के अगले चरण में केवल स्वदेशी उत्पादों की

पूरी ख़बर: timesofrajasthan.in ›

स्वास्थ्य

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने नशा मुक्ति सेवाओं में लगे चिकित्सा और संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत की

2029 तक एक 'नशा मुक्त भारत' के लिए मादक द्रव्यों के सेवन संबंधी विकारों से निपटने के लिए एक समन्वित, संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण की आवश्यकता है: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक कल्याण और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच तालमेल आवश्यक है: श्री नड्डा यह कार्यक्रम 'नारकोटिक कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट: 2026-2029' के तहत 2028-29 तक 10,000 सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखता है श्री नड्डा ने चिकित्सा और संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की; 'मैनेजमेंट ऑफ एडिक्टिव डिसऑर्डर्स: ए फिजिशियन मैनुअल' के दूसरे संस्करण का विमोचन किया

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा ने आज कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली में ड्रग डी-एडिक्शन सेवाओं में लगे मेडिकल और एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम लॉन्च किया। यह प्रोग्राम स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सेक्रेटरी और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय और अधिकारिता, और गृह मंत्रालयों के सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में हाइब्रिड मोड में लॉन्च किया गया।

इस प्रोग्राम का मकसद पूरे देश में नशे की रोकथाम, पहचान, असेसमेंट, इलाज और मैनेजमेंट में शामिल हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की क्षमता को मजबूत करना है।

सभा को संबोधित करते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा ने टीम को डॉक्टरों, मेडिकल ऑफिसर, नर्स, काउंसलर और दूसरे हेल्थकेयर प्रोफेशनल के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन ट्रेनिंग को शामिल करते हुए एक संरचित कार्यान्वयन योजना के साथ एक व्यापक क्षमता-निर्माण कार्यक्रम विकसित करने के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षण के चरणबद्ध दृष्टिकोण की सराहना की, जिसमें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय संस्थानों के बीच सहयोग और उसके बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में क्षमता-निर्माण गतिविधियों का विस्तार शामिल है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2029 तक नशा मुक्त भारत का लक्ष्य पाने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मादक पदार्थों के सेवन संबंधी विकारों से निपटने के लिए एक समन्वित, संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें विभिन्न मंत्रालय और विभाग स्पष्ट रूप से परिभाषित उद्देश्यों की दिशा में तालमेल के साथ काम करें।

श्री नड्डा ने कहा कि बिखरे हुए प्रयासों और विभिन्न विभागों के अलग-थलग काम करने से समन्वय और सेवा वितरण में कमियां आ गई थीं। उन्होंने उल्लेख किया कि केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा जारी किए गए 'नारकोटिक कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट: 2026–2029' विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की जिम्मेदारियों और लक्ष्यों को परिभाषित करके इन कमियों को दूर करने के एक समन्वित प्रयास करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रभावी कार्यान्वयन के लिए निरंतर अंतर-मंत्रालयी समन्वय और सामूहिक जवाबदेही की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की भूमिका पर ज़ोर देते हुए, श्री नड्डा ने कहा कि उपचार सेवाओं को मज़बूत करना और स्वास्थ्य पेशेवरों और नशा मुक्ति केंद्रों की क्षमता बढ़ाना, इस राष्ट्रीय प्रयास में मंत्रालय के योगदान का केन्द्र बिन्दु है। उन्होंने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत उचित प्रशिक्षण, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और पर्याप्त वित्तीय संसाधनों के माध्यम से नशा मुक्ति सुविधाओं का समर्थन करने के महत्व को भी रेखांकित किया।

मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशीली दवाओं के इस्तेमाल से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए इलाज से आगे बढ़कर रोकथाम, प्रवर्तन और नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ समन्वित कार्रवाई तक फैली होनी चाहिए। उन्होंने इस चुनौती से पूरी तरह निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बॉर्डर-मैनेजमेंट अधिकारियों और दूसरे संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करने की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य पेशेवरों और भाग लेने वाले संस्थानों को कार्यान्वयन को मजबूत करने और उभरती चुनौतियों का समाधान करने के लिए व्यावहारिक सुझाव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसमें अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता वाले सुझाव भी शामिल हैं।

अपने संबोधन के समापन पर, श्री नड्डा ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, तथा इस पहल से जुड़े संस्थानों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह क्षमता-निर्माण कार्यक्रम साक्ष्य-आधारित उपचार सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को मजबूत करेगा तथा एक नशा मुक्त भारत प्राप्त करने के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प में योगदान देगा।

इस अवसर पर बोलते हुए, मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की सेक्रेटरी श्रीमती पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को उद्धृत करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि जैसे-जैसे भारत एक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, यह पक्का करना ज़रूरी है कि देश के युवा शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सुदृढ़, आत्मविश्वासी और मादक पदार्थों के सेवन के हानिकारक प्रभावों से मुक्त हों। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि युवाओं को नशों के खतरों से बचाना एक स्वस्थ, सशक्त और उत्पादक पीढ़ी के पोषण के लिए महत्वपूर्ण है जो राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सके।

उन्होंने मादक पदार्थों के दुरुपयोग की चुनौती से निपटने के लिए संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण को अपनाने के महत्व को भी रेखांकित किया, तथा रोकथाम, जागरूकता, उपचार और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने के लिए मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों में समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के राष्ट्रीय ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर की प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. अंजू धवन ने मादक पदार्थों के सेवन विकारों के उपचार में लगे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए क्षमता-निर्माण कार्यक्रम के कार्यान्वयन को रेखांकित करते हुए एक प्रस्तुति दी। उन्होंने नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) के तहत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अध्यादेश पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से उपचार सेवाओं को मजबूत करने और चिकित्सा तथा पैरामेडिकल कर्मियों की क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम ड्रग डी-एडिक्शन प्रोग्राम के तहत छह संस्थानों के माध्यम से चलाया जाएगा, जिसमें एनडीडीटीएस, एआईआईएमएस समन्वय केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

डॉ. धवन ने ट्रेनिंग फ्रेमवर्क के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें डॉक्टरों के लिए ऑनलाइन लाइव सेशन, डॉक्टरों, नर्सों और काउंसलर के लिए अपनी गति से चलने वाले ऑनलाइन मॉड्यूल और चुने हुए लोगों के लिए ऑफलाइन ट्रेनिंग शामिल है। करिकुलम में शराब, गांजा, ओपिओइड, नींद की गोलियां और इनहेलेंट जैसी अलग-अलग चीज़ें शामिल हैं, साथ ही महिलाओं और किशोरों जैसे खास ग्रुप में

पूरी ख़बर: timesofrajasthan.in ›

राजनीति

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं पुलिस उपायुक्त ने चाकसू-कोटखावदा में पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की

मतदान केंद्रों पर बिजली , छाया , पानी एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश चंदलाई ग्राम पंचायत के मतदान केंद्र का किया निरीक्षण

जयपुर , 26 अक्टूबर। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक एवं पुलिस उपायुक्त जयपुर द्वारा सोमवार को पंचायत समिति चाकसू एवं कोटखावदा के पंचायत चुनाव से संबंधित तैयारियों की समीक्षा हेतु उपखण्ड कार्यालय चाकसू के सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक ली।

इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव तैयारियों की समीक्षा कर मतदान केन्द्रों पर बिजली , छाया , पानी , शौचालय , एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा उपस्थित पुलिस विभाग के अधिकारियों को अधीनस्थ मतदान केन्द्रों का आवश्यक रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने पंचायत समिति चाकसू की ग्राम पंचायत चंदलाई के मतदान केन्द्र का निरीक्षण किया।

बैठक में रिटर्निंग अधिकारी पंचायत समिति चाकसू-कोटखावदा सीमा तिवाड़ी , सहायक पुलिस आयुक्त चाकसू , सहायक रिटर्निंग अधिकारी तहसीलदार चाकसू-कोटखावदा , विकास अधिकारी पंचायत समिति चाकसू-कोटखावदा , थानाधिकारी पुलिस थाना चाकसू-कोटखावदा एवं अन्य अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

हेमंत/अभिषेक

पूरी ख़बर: timesofrajasthan.in ›

बूंदी

बूंदी में जिला परिषद और तालेड़ा पंचायत समिति चुनाव में 61 एवं 69 प्रत्याशी मैदान में

बूंदी में पंचायती राज आम चुनाव 2026 के अंतिम नामांकन दिवस पर जिला परिषद सदस्य पद के लिए 27 वार्डों में 61 प्रत्याशी और तालेड़ा पंचायत समिति में सदस्य पद के लिए 69 प्रत्याशी ने चुनाव मैदान में प्रवेश किया।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, जिला परिषद के लिए नाम वापसी के अंतिम दिन चार उम्मीदवारों ने अपनी अभ्यर्थिता वापस ले ली, जबकि तालेड़ा पंचायत समिति में आठ अभ्यर्थियों ने नामांकन वापस लिया।

वार्ड‑वार उम्मीदवार सूची

प्रभारी अधिकारी सांख्यिकी प्रकोष्ठ की जानकारी के अनुसार, तालेड़ा पंचायत समिति में वार्ड‑2 से निर्दलीय प्रकाशी, अजोद बाई; वार्ड‑5 से निर्दलीय अनीता; वार्ड‑14 से निर्दलीय सचिन गोचर; वार्ड‑20 से निर्दलीय राजेश कुमारी मीणा; वार्ड‑22 से कांग्रेस की मीनाक्षी शर्मा; और वार्ड‑23 से निर्दलीय देवराज व चन्द्र प्रकाश सैनी ने नामांकन वापस लिया।

नाम वापसी के बाद, उदाहरण के तौर पर, वार्ड‑1 में कांग्रेस की मेघा, बसपा के धर्मराज, निर्दलीय जोगेन्द्र कुमार और भाजपा की आशाराम गुर्जर प्रत्याशी हैं; वार्ड‑2 में कांग्रेस की प्रेम बाई, भाजपा की पप्पुड़ी बाई और निर्दलीय मूर्ति बाई ने पर्चा भरा।

जिला परिषद के 27 वार्डों में कुल 61 प्रत्याशी तालेड़ा पंचायत समिति में कुल 69 प्रत्याशी नाम वापसी के बाद भी कई वार्डों में तीन‑चार प्रत्याशी प्रतिस्पर्धा करेंगे

स्थानीय प्रभाव

बूंदी के मतदाता अब 3 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए तैयार हैं। इस चुनाव में स्थानीय नेताओं, महिला प्रत्याशियों और कई दिग्गजों के परिजनों की भागीदारी देखी गई, जो क्षेत्रीय राजनीति में नई गतिशीलता का संकेत देती है।

पूरी ख़बर: timesofrajasthan.in ›

बारां

बारां में ‘वोट बारात’ से मतदान का संदेश दिया गया

बारां जिले के अंता और शाहबाद उपखंड में 26 अक्टूबर को ‘वोट बारात’ आयोजित कर ग्रामीणों को मतदान के लिए जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम जिला निर्वाचन अधिकारी बालमुकुंद असावा और नोडल अधिकारी स्वीप शिवेंद्र प्रताप के निर्देशन में किया गया।

शाहबाद के केलवाड़ा में वोट बारात राजकीय विद्यालय दांता से शुरू होकर लक्ष्मण चौक तक चली, जहाँ मानव श्रंखला बनाकर ‘वोट करने चलो रे साथी, लोकतंत्र के बनो बाराती’ का नारा दोहराया गया। विद्यार्थियों ने ‘अनमोल मेरा वोट’ जैसे गीतों पर नृत्य किया और रंग‑बिरंगी ओढ़नी‑चुनरी में सजी महिलाओं ने ध्वनि‑संगीत से माहौल को सतरंगी बनाया।

अंता में विशेष प्रस्तुति

अंता में ईएलसी अध्यक्ष को प्रतीकात्मक दूल्हा बनाकर वोट बारात निकाली गई, जिसमें कच्छी घोड़ी नृत्य दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। ग्रामीणों ने नाचते‑गाते इस कार्यक्रम में भाग लेकर लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

डिजिटल उपकरणों की जानकारी

स्वीप सह‑प्रभारी अमित भार्गव ने विद्यार्थियों को ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया समझाई और केवाईसी तथा सी‑विजिल ऐप के उपयोग से निर्वाचन‑संबंधी जानकारी एवं शिकायत निपटान के बारे में बताया।

कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी दयावती सैनी, विकास अधिकारी राधेश्याम भील, बीसीएमओ सत्यप्रकाश, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी देवीलाल पालीवाल, प्रधानाचार्य राधेश्याम, जेईएन अर्चना मीणा, ईएलसी प्रभारी, बीएलओ, स्वीप दल सदस्य ओम मेरोठा सहित स्कूल स्टाफ, विद्यार्थी और ग्रामीणों की बड़ी संख्या उपस्थित रही। ‘लोकतंत्र के सब रंग’ अभियान के तहत सतरंगी कार्यक्रम जारी हैं, जिसका उद्देश्य मतदान प्रतिशत बढ़ाना और सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

पूरी ख़बर: timesofrajasthan.in ›

सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर में रिटर्निंग अधिकारी ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया

रिटर्निंग अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी शिवराज मीना ने सोमवार को सवाई माधोपुर पंचायत समिति के अंतिम एवं चतुर्थ चरण के प्रस्तावित मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से शेरपुर, रांवल, उलियाणा, कुण्डेरा, श्यामपुरा, हिम्मतपुरा सहित कई ग्राम पंचायतों के मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान खंडार, सवाई माधोपुर एवं आस‑पास के क्षेत्रों में पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ‑सफाई, सुरक्षा, बैरिकेडिंग तथा मतदान दलों के भोजन‑आवास की स्थितियों का मूल्यांकन किया गया।

आवश्यक व्यवस्थाओं के निर्देश

संबंधित विकास अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और अन्य कर्मचारियों को बताया गया कि मतदान केंद्रों पर पानी, बिजली, छाया, रैंप और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ समय पर सुनिश्चित की जाएँ। रिटर्निंग अधिकारी ने इन व्यवस्थाओं को समय पर लागू करने के निर्देश भी दिए।

पृष्ठभूमि

Dainik Bhaskar के अनुसार, पिछले सप्ताह रिटर्निंग अधिकारी विनोद कुमार ने भी अन्य जिलों में समान निरीक्षण किया था, जहाँ उन्होंने बूथ‑लेवल अधिकारियों को पानी, बिजली, छाया और शौचालय जैसी सुविधाओं को पूर्ण रूप से दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। यह कदम पंचायत राज आम चुनाव‑2026 की तैयारियों को तेज करने के लिए उठाया गया है।

पेयजल, बिजली, शौचालय, साफ‑सफाई, सुरक्षा, बैरिकेडिंग की जाँच मतदान दलों के भोजन‑आवास की स्थिति का मूल्यांकन विकास अधिकारियों व प्रधानाचार्यों को त्वरित सुधार के निर्देश

पूरी ख़बर: timesofrajasthan.in ›

संक्षेप में

फलोदी में 3 बाल वाहिनियाँ जब्त, 4 पर चालान

कोटपूतली‑बहरोड़ में ‘एक खेल लोकतंत्र के नाम’ हॉकी मैच आयोजित

बूंदी में सहायक मतदान अधिकारियों (प्रथम) का प्रशिक्षण शुरू

लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर मतदाता करें अपने मताधिकार का प्रयोग— राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह

बूंदी के सखी सेंटर ने मंदसौर की लापता महिला को परिवार से मिलाया

बारां में विशेष बच्चों ने जिला कलक्टर को दीपावली शुभकामना कार्ड भेंट किया

टाइम्स ऑफ़ राजस्थान · मुख्य पृष्ठमंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · पृष्ठ 1

किसी भी ख़बर पर क्लिक करके उसे पढ़ें

राजस्थान री बात

हर दिन मरुधरा की एक कहावत, एक सबद, एक ज़िलो

आज री कहावत

“पाणी पीजे छाण कर, गुरु कीजे जाण कर”

पानी छानकर पियो और गुरु सोच-समझकर बनाओ।

आज रो सबद

मनवार

मेहमान को प्रेम से आग्रह करके खिलाना-पिलाना

आज रो ज़िलो

चित्तौड़गढ़

  • चित्तौड़गढ़ किला
  • विजय स्तंभ
  • मीरा बाई

मेळा-तेवार

इस महीने: पुष्कर मेला, बूंदी उत्सव

कुंभलगढ़ महोत्सव

राजसमंद · दिसंबर

राजस्थान दर्शन →