
कोटा के युवा चित्रकार अंकित बनवाड़िया ने मांडणा कला को बचाने के लिए कदम उठाए
कोटा के युवा चित्रकार अंकित बनवाड़िया ने बदलते समय में परम्परागत मांडणा कला को जीवित रखने के लिए प्राकृतिक सामग्री और जागरूकता अभियानों की अपील की।
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कोटा के युवा चित्रकार अंकित बनवाड़िया ने बदलते समय में परम्परागत मांडणा कला को जीवित रखने के लिए प्राकृतिक सामग्री और जागरूकता अभियानों की अपील की।
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हर दिन मरुधरा की एक कहावत, एक सबद, एक ज़िलो
आज री कहावत
“पाणी पीजे छाण कर, गुरु कीजे जाण कर”
पानी छानकर पियो और गुरु सोच-समझकर बनाओ।
आज रो सबद
मनवार
मेहमान को प्रेम से आग्रह करके खिलाना-पिलाना
आज रो ज़िलो
चित्तौड़गढ़
मेळा-तेवार
इस महीने: पुष्कर मेला, बूंदी उत्सव
कुंभलगढ़ महोत्सव
राजसमंद · दिसंबर
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