मेले और त्योहार
बेणेश्वर मेला
सोम, माही और जाखम नदियों के संगम पर लगने वाला यह मेला "आदिवासियों का कुंभ" कहलाता है — संगम स्नान, भजन और जनजातीय संस्कृति।
- कब
- माघ पूर्णिमा
- आम तौर पर
- जनवरी / फ़रवरी
- कहाँ
- बेणेश्वर धाम, डूंगरपुर (डूंगरपुर ज़िला)
ज़्यादातर मेले हिंदू पंचांग से लगते हैं, इसलिए उनकी अंग्रेज़ी तारीख़ हर साल बदलती है। जाने से पहले इस साल की तारीख़ स्थानीय प्रशासन से पक्की कर लें।