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मेले और त्योहार

बेणेश्वर मेला

सोम, माही और जाखम नदियों के संगम पर लगने वाला यह मेला "आदिवासियों का कुंभ" कहलाता है — संगम स्नान, भजन और जनजातीय संस्कृति।

कब
माघ पूर्णिमा
आम तौर पर
जनवरी / फ़रवरी
कहाँ
बेणेश्वर धाम, डूंगरपुर (डूंगरपुर ज़िला)

ज़्यादातर मेले हिंदू पंचांग से लगते हैं, इसलिए उनकी अंग्रेज़ी तारीख़ हर साल बदलती है। जाने से पहले इस साल की तारीख़ स्थानीय प्रशासन से पक्की कर लें।

इसी मौसम के और मेले

‹ साल भर का मेला कैलेंडर

राजस्थान री बात

हर दिन मरुधरा की एक कहावत, एक सबद, एक ज़िलो

आज री कहावत

“पाणी पीजे छाण कर, गुरु कीजे जाण कर”

पानी छानकर पियो और गुरु सोच-समझकर बनाओ।

आज रो सबद

मनवार

मेहमान को प्रेम से आग्रह करके खिलाना-पिलाना

आज रो ज़िलो

चित्तौड़गढ़

  • चित्तौड़गढ़ किला
  • विजय स्तंभ
  • मीरा बाई

मेळा-तेवार

इस महीने: पुष्कर मेला, बूंदी उत्सव

कुंभलगढ़ महोत्सव

राजसमंद · दिसंबर

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