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Poems › Devotion · राजस्थानी

भक्ति · राजस्थानी

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई

मीराबाई · 16वीं सदी · मेड़ता, राजस्थान

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई।जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई॥

तात मात भ्रात बंधु, आपनो न कोई।छाँड़ि दई कुल की कानि, कहा करिहै कोई॥

संतन ढिग बैठि-बैठि, लोक-लाज खोई।अँसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम-बेलि बोई॥

अब तो बेल फैल गई, आणँद-फल होई।दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से बिलोई॥

माखन जब काढ़ि लियो, छाछ पिये कोई।भगत देखि राजी हुई, जगत देखि रोई।दासी मीरा लाल गिरधर, तारो अब मोही॥

— मीराबाई

भावार्थमीरा कहती हैं कि उनके लिए मोर-मुकुट धारी कृष्ण ही सब कुछ हैं; माता-पिता, भाई-बंधु भी अपने नहीं। उन्होंने कुल की मर्यादा की परवाह छोड़ दी और संतों की संगति में रहकर आँसुओं से प्रेम की बेल सींची, जो अब फैलकर आनंद का फल दे रही है। दूध मथकर जैसे मक्खन निकाला जाता है, वैसे ही उन्होंने संसार से भक्ति का सार ग्रहण कर लिया है।

यह मीरा का सबसे प्रसिद्ध पद है, जिसमें उनका अटूट कृष्ण-प्रेम और सामाजिक बंधनों के आगे न झुकने का साहस दिखता है।

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भक्ति · राजस्थानी

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो

मीराबाई · 16वीं सदी · मेड़ता, राजस्थान

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो।वस्तु अमोलक दी मेरे सतगुरु, किरपा कर अपनायो॥

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— मीराबाई

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लोकगीत · राजस्थानी

केसरिया बालम, पधारो म्हारे देस

राजस्थानी लोकगीत (पारंपरिक) · मांड गायकी · ढोला-मारू की परंपरा

केसरिया बालम आवो नी, पधारो म्हारे देस।केसरिया बालम आवो नी, पधारो म्हारे देस॥

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— राजस्थानी लोकगीत (पारंपरिक)

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नीति (दोहे) · ब्रज

रहीम के दोहे

अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना · 16वीं–17वीं सदी

रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय।टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय॥

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— अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना

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नीति (दोहे) · हिन्दी

कबीर के दोहे

कबीरदास · 15वीं सदी

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।जो दिल खोजा आपना, मुझ-सा बुरा न कोय॥

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— कबीरदास

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Rajasthan Ri Baat

A proverb, a word and a district from the land of dunes — every day

PROVERB OF THE DAY

“पाणी पीजे छाण कर, गुरु कीजे जाण कर”

Strain water before you drink it; know a teacher before you follow one.

MARWARI WORD

मनवार

Lovingly insisting a guest eats and drinks a little more

DISTRICT OF THE DAY

Chittorgarh

  • Chittorgarh Fort
  • Vijay Stambh
  • Meera Bai

FAIRS & FESTIVALS

This month: Pushkar Fair, Bundi Utsav

Kumbhalgarh Festival

Rajsamand · December

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