मेले और त्योहार
गणगौर
होली के बाद सोलह दिन तक स्त्रियाँ गौरी (पार्वती) की पूजा करती हैं; अंतिम दिन जयपुर में गणगौर माता की शाही सवारी निकलती है।
- कब
- चैत्र शुक्ल तृतीया
- आम तौर पर
- मार्च / अप्रैल
- कहाँ
- जयपुर और पूरे राजस्थान में (जयपुर ज़िला)
ज़्यादातर मेले हिंदू पंचांग से लगते हैं, इसलिए उनकी अंग्रेज़ी तारीख़ हर साल बदलती है। जाने से पहले इस साल की तारीख़ स्थानीय प्रशासन से पक्की कर लें।