टाइम्स ऑफ़ राजस्थान · राजस्थान दर्शन

बंधेज, लहरिया और ठप्पा — रंगों की कारीगरी

हज़ारों गाँठों से बनते बंधेज के डिज़ाइन, लहरों जैसा लहरिया और सांगानेर-बगरू के ठप्पे।

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गाँठों का जादू

कपड़े पर हज़ारों छोटी गाँठें बाँधकर रंगने से बनते हैं बंधेज के बिंदु।

Mandayamr / Wikimedia Commons (Public domain)

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बंधेज की ओढ़नी

लाल, पीले और हरे रंगों की बंधेज ओढ़नी — शादी-ब्याह और तीज-त्योहार की शान। सावन में इसी परंपरा का लहरिया भी पहना जाता है।

goblinbox_(queen_of_ad_hoc_bento) / Wikimedia Commons (CC BY 2.0)

राजस्थान दर्शन · 3/4

बगरू का ठप्पा

जयपुर के पास बगरू गाँव में लकड़ी के ठप्पों से हाथ से कपड़ा छापा जाता है — प्राकृतिक रंगों से।

Anildiggiwal / Wikimedia Commons (CC0)

राजस्थान दर्शन · 4/4

तराशे हुए ठप्पे

शीशम की लकड़ी पर बारीक नक्काशी — हर रंग के लिए अलग ठप्पा, और हर छाप एक-एक कर।

Ketayun, Katz / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

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